जयपुर | न्यूज़ डेस्क | राजधानी जयपुर के सबसे प्रसिद्ध सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों में शुमार मैसर्स चोखी ढाणी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के कड़े निर्देशों के तहत पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान के अंतर्गत यह छापेमारी की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जयपुर द्वितीय की फूड सेफ्टी टीम ने राज्य सरकार के 181 हेल्पलाइन पोर्टल पर मिली एक गंभीर शिकायत के बाद यह औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चोखी ढाणी के मुख्य किचन में साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर कई चौंकाने वाली अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद टीम ने मौके पर ही एक्शन लेते हुए भारी मात्रा में खाद्य सामग्रियां सीज कर दीं।
हो रहा था 'अनसेफ' तेल का इस्तेमाल, TPC मिला 31%
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के अनुसार, जब फूड सेफ्टी टीम ने चोखी ढाणी के अंदरूनी किचन एरिया का निरीक्षण किया, तो वहां सबसे बड़ी लापरवाही कुकिंग ऑयल को लेकर पकड़ी गई। तय सीमा से अधिक TPC: किचन में जिस रिफाइंड सोयाबीन तेल का इस्तेमाल आलू फ्राई करने के लिए किया जा रहा था, उसका टीपीसी ( टोटल पोलर कम्पाउंड) निर्धारित अधिकतम सीमा 25 प्रतिशत के स्थान पर 31 प्रतिशत पाया गया।
सेहत के लिए बेहद खतरनाक: मेडिकल साइंस और खाद्य मानकों के अनुसार, 25 प्रतिशत से अधिक टीपीसी वाला तेल मानव स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह 'अनसेफ' यानी असुरक्षित श्रेणी में आता है। बार-बार एक ही तेल को गर्म करने से उसमें कैंसर और दिल की बीमारियों को बढ़ाने वाले तत्व पैदा हो जाते हैं। टीम ने मौके से इस यूज्ड रिफाइंड सोयाबीन तेल का एक लीगल सैंपल कलेक्ट किया है।
90 किलो घटिया काजू टुकड़ी सीज
सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि चोखी ढाणी में पर्यटकों और मेहमानों के लिए तैयार की जाने वाली शाही सब्जियों में इस्तेमाल होने वाले ड्राई फ्रूट्स की क्वालिटी भी बेहद घटिया स्तर की पाई गई। बिना लेबल के 9 डिब्बे बरामद: स्टोर और किचन की जांच करने पर काजू टुकड़ी के 9 बड़े डिब्बे मिले, जिनका कुल वजन लगभग 90 किलो था। इन डिब्बों या उनकी पैकिंग पर कानूनन जरूरी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी का कोई अंकन नहीं था। लैब रिपोर्ट आने तक स्टॉक फ्रीज: फूड सेफ्टी अधिकारियों ने इस 90 किलो घटिया काजू टुकड़ी का सैंपल लेकर पूरे स्टॉक को तुरंत प्रभाव से सीज कर दिया। इसके साथ ही पारंपरिक मिठाइयों और पकवानों में इस्तेमाल किए जा रहे मावे का भी एक सैंपल लिया गया, क्योंकि मौके पर मावे की फ्रेशनेस को लेकर भी टीम को संदेह था।
भ्रामक प्रचार और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
फूड सेफ्टी टीम द्वारा चोखी ढाणी के परिसर से जब्त किए गए सभी खाद्य नमूनों को सील बंद कर विस्तृत रासायनिक जांच के लिए जयपुर स्थित 'राज्य खाद्य प्रयोगशाला' भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Act) के तहत कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा।
इसके साथ ही खाद्य पदार्थों के लेबल पर किए जा रहे भ्रामक प्रचार और विनियामक उल्लंघनों के संबंध में भी प्रतिष्ठान के खिलाफ आवश्यक वैधानिक और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को हुई इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) सुशील चोटवानी, विनोद थारवान और राजेश नागर शामिल रहे। विभाग ने साफ किया है कि ब्रांड चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, आम जनता और पर्यटकों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी रेस्टोरेंट या होटल को बख्शा नहीं जाएगा।