नागपुर । एड अब्दुल अमानी कुरेशी। समाज में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो अपने कार्यों से एक अलग पहचान स्थापित करते हैं। अधिवक्ता इब्राहिम बख्श आज़ाद ऐसे ही बहुआयामी व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने विधि व्यवसाय के साथ-साथ सामाजिक, शैक्षणिक, मानवाधिकार एवं साहित्यिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनके इसी समर्पण, सेवा भाव और सामाजिक प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्हें "राष्ट्रीय समाज रत्न पुरस्कार 2026" से सम्मानित किया गया है।
अधिवक्ता इब्राहिम बख्श आज़ाद वर्षों से न्याय के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वंचित, शोषित एवं जरूरतमंद वर्गों को कानूनी सहायता और न्याय दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। मानवाधिकारों की रक्षा, सामाजिक सौहार्द की स्थापना तथा जनजागृति के विभिन्न अभियानों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। वे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद, सहयोग और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य करते रहे हैं।
सामाजिक सेवा के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका योगदान सराहनीय रहा है। युवाओं को शिक्षा, जागरूकता और सकारात्मक दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से उन्होंने अनेक कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से समाज में जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बल मिला है।
इब्राहिम बख्श आज़ाद साहित्य और रचनात्मक गतिविधियों से भी गहरा जुड़ाव रखते हैं। लेखन, मंच संचालन और सामाजिक विषयों पर अभिव्यक्ति के माध्यम से वे समाज को सकारात्मक संदेश देने का कार्य करते हैं। उनकी वाणी और लेखनी दोनों ही जनहित और सामाजिक सरोकारों को समर्पित हैं।
उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और उपलब्धियों के लिए उन्हें समय-समय पर अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा गया है, जिनमें जिला युवा पुरस्कार, उत्कृष्ट मंच संचालक अवार्ड, गांधी सेवा पुरस्कार तथा विभिन्न राष्ट्रीय एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा प्रदान किए गए अनेक सम्मान शामिल हैं।
राष्ट्रीय समाज रत्न पुरस्कार 2026 उनके लंबे सामाजिक, कानूनी और मानवीय योगदान का सम्मान है। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उन सभी मूल्यों और आदर्शों का भी सम्मान है जिनके लिए वे निरंतर कार्यरत हैं। उनका जीवन समाज सेवा, न्याय, मानवता और रचनात्मकता का प्रेरणादायी उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को जनकल्याण के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।