नागपुर । डॉ विवेक बांबल। सरकार ने शिक्षा विभाग से मिलने वाले अनुदानों का पूरा उपयोग कर लिया है। राज्य सरकार स्कूलों के खर्चों के लिए अनुदान देती है, लेकिन सरकार ने शिक्षा विभाग को 7241.38 करोड़ रुपये का बकाया नहीं दिया है। मनपा प्रशासन इस राशि को प्राप्त करने के लिए लगातार राज्य सरकार से संपर्क कर रही है। हालांकि, नगर निगम को अभी तक अनुदान नहीं मिला है।
राज्य सरकार ने प्राथमिक शिक्षा और स्कूल कर्मचारियों के वेतन के लिए मुंबई नगर निगम को 7241.38 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
यह राशि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। यह बात मुंबई नगर निगम की शिक्षा समिति के बजट से सामने आई है। मुंबई नगर निगम को राज्य सरकार से 31 मार्च 2025 तक कुल 7241.38 करोड़ रुपये प्राप्त होने बाकी हैं, जिसमें प्राथमिक शिक्षा व्यय के लिए 5655.30 करोड़ रुपये और माध्यमिक शिक्षा व्यय के लिए 1586.08 करोड़ रुपये शामिल हैं। वहीं, 2026-27 में प्राथमिक विद्यालयों के व्यय के लिए राज्य सरकार से 643.80 करोड़ रुपये का स्वीकृत 50 प्रतिशत अनुदान मिलने की उम्मीद है।नगरपालिकाओं पर सब्सिडी और संपत्ति कर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का बकाया है।
यह स्थिति केवल मुंबई तक ही सिमित नहीं है , पुरे महाराष्ट्र का यही हाल है , वेतनभोगी शिक्षक हो या पेंशनर्स सबकी ग्रेंट अब तक नहीं आयी जीससे शिक्षक वर्ग में रोष व्याप्त है । इसलिए आगामी शुक्रवार से वे हड़ताल करने वाले हैं , बताया जा रहा है कि सरकार ने 3 प्रतिशत होली पर डीए देने की घोषणा तो कर दी मगर नियमित वेतन नहीं हो रहे हैं , उसका क्या होगा ।