कानपूर | न्यूज़ डेस्क | जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल में हैरान करने वाला मामला सामने आया है | वार्ड नंबर 12 के बेड नंबर 43 पर भर्ती मरीज विनोद कुमार को जिंदा रहते हीमृत घोषित कर उसकी पोस्टमार्टम सूचना पुलिस को भेज दी गई | यह गंभीर चूक ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और स्टाफ की जल्दबाजी के कारण हुई |
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मामले का संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए | इसके बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने जूनियर डॉक्टर हिमांशु मौर्य, नर्सिंग स्टाफ सनी सोनकर और वार्ड आया रहनुमा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया | 
बगल वाले बेड पर हुई थी मौत
प्राचार्य डॉ. संजय काला के अनुसार, विनोद कुमार के बगल वाले बेड नंबर 42 पर एक अज्ञात मरीज भर्ती था, जिसकी मृत्यु हो गई थी | जिस समय मृत मरीज की फाइल तैयार हो रही थी, उसी दौरान डॉक्टर को दूसरे मरीज के हार्ट अटैक की सूचना मिली | इसी आपाधापी और जल्दबाजी में डॉक्टर ने मृत मरीज के बजाय जीवित मरीज विनोद की पोस्टमार्टम इंफॉर्मेशन (PI) पुलिस को भेज दी |
जांच कमेटी करेगी आगे की कार्रवाई
इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है | प्रमुख अधीक्षक के नेतृत्व में यह टीम पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करेगी | प्राचार्य ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी | फिलहाल अस्पताल की इस बड़ी गलती ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं |