नागपुर । प्रा.विवेक बांबल। बरसों बाद दोस्ती की महफ़िल, यादों का कारवां फिर चल पड़ा । बरसों का फ़ासला, ज़िंदगी की भागदौड़ और जिम्मेदारियों का बोझ—इन सबके बावजूद जब पुराने स्कॉलेज के उच्च शिक्षित मित्र एक जगह इकट्ठा हुए तो लगा जैसे वक़्त ने करवट बदल ली हो। किसी की आँखों में पहचान की चमक थी तो कोई नाम लेते ही पुरानी शरारतों में लौट गया। पहला मिलन ही इतना आत्मीय था कि औपचारिकता पल भर में टूट गई और दोस्ती अपनी पूरी गर्मजोशी के साथ लौट आई।
एक दिल को छू लेने वाले सेलिब्रेशन में, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) के ऑक्यूपेशनल थेरेपी और फिजियोथेरेपी के 1996 बैच के स्टूडेंट्स 25 सालों बाद फिर से मिले। इस इवेंट में पूर्व छात्र, डिपार्टमेंट के पूर्व हेड (HODs), मौजूदा HODs, सम्मानित टीचर्स और साथी थेरेपिस्ट एक साथ आए, जिससे यह एक यादगार मौका बन गया।
जिसमें सम्मानित मेहमानों को यादगार तोहफ़े दिए गए। पूर्व छात्रों ने अपने विचार और अनुभव शेयर किए, GMC में बिताए समय और उसके बाद कैरियर के यादगार लम्हों को याद किया।
पुराने दोस्त फिर से मिले और नई यादें बनीं। शाम मे डिनर और मौज-मस्ती के साथ सभी दोस्तों ने आपस में तोहफे दीए । मेहमानों ने अपने विचार और अनुभव शेयर किए, GMC में बिताए अपने समय को याद किया और बताया कि इसका उनके करियर पर क्या असर पड़ा।
इस कार्यक्रम में डा स्मिता राय चौधरी(कैनडा), डॉ चित्रा जोशी( इंग्लैंड), डॉ अमोलकर मार्कर( अमेरिका), डॉ अंजली बांबल (दुबई, रशीद हास्पिटल सिनियर थेरेपिस्ट) डॉ अमीत कुमार विशेष रूप से शामिल हूए।
डॉ. अमित कुमार, डॉ. अमोलकर मार्कर, जिन्होंने एक प्लेटफार्म पर सबको आमंत्रित किया यह एक बड़ी सफलता है ,उनके प्रयासों और मौजूदगी ने इस सेलिब्रेशन को बहुत महत्वपूर्ण बना दिया।
डॉ अमोलकर मार्कर ने कहा कि,GMC में बिताए गए समय के दौरान बने मज़बूत रिश्तों का सबूत था, और 1996 बैच की उपलब्धियों का जश्न था। अपने शिक्षकों और मेंटर्स के प्रति पूर्व छात्रों का आभार साफ़ दिख रहा था, क्योंकि उन्होंने अपने करियर को आकार देने में संस्थान की भूमिका को स्वीकार किया।
डॉ अमीत कुमार ने कहा रीयूनियन एक बड़ी सफलता थी, जिसमें आयोजन टीम ने इसे एक यादगार इवेंट बनाने के लिए ज़बरदस्त कोशिश की। जब बैचमेट्स अलग हुए, तो वे अपने साथ प्यारी यादें एक-दूसरे के साथ जुड़ाव की एक नई भावना लेकर गए।
डॉ. पीपी उके,डॉ. रामटेके,डॉ. नंदिनी देशपांडे,डॉ. उमांजली,डॉ. सोफिया आज़ाद ,डॉ. शोभा भावे,डॉ. प्रीत बोधमांगे, डॉ ठोंबरे,,डॉ. बर्वे डॉ. बुलदेव,डॉ. उषा गायकवाड़,डॉ. वीना ठाकरे,डॉ. दुबे,डॉ. विशाखा वाघ शामील थे। डॉ अमोल करमकर, डॉ स्निग्धा राय चौधरी, डॉ मिनल कुलसंगे, डॉ ज्योती नैनानी, डॉ मोना गडेकर आयोजन समिति का हिस्सा बने।