दुर्ग | सोनम कौर | छत्तीसगढ़ पुलिस को शर्मसार करने वाला गंभीर मामला दुर्ग जिले से सामने आया है, जहां महिला का प्राइवेट पार्ट चेक करने वाले पुलिस आरक्षक को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया | पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ 35 वर्षीय आरक्षक अरविंद कुमार मेंढे पर आरोप है कि उसने बेटे को जेल से छुड़ाने का झांसा देकर पीड़िता को बुलाया, उसके साथ गंदी हरकत की और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला | मामले की जांच के बाद SSP दुर्ग विजय अग्रवाल ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी आरक्षक को पुलिस सेवा से बाहर कर दिया | 
महिला पुलिस थाने में दर्ज हुआ मामला
यह मामला दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र का है | पीड़िता ने महिला पुलिस थाने में आरोपी आरक्षक अरविंद कुमार मेंढे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी | शिकायत के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए | जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आरोपी आरक्षक पर लगे आरोप सही पाए गए |
क्या है पूरा मामला
पीड़िता के अनुसार उसका बेटा पोक्सो एक्ट के एक मामले में जेल में बंद है | इसी मजबूरी का फायदा उठाते हुए पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ आरक्षक अरविंद कुमार मेंढे ने बेटे को जेल से बाहर निकलवाने में मदद करने का भरोसा दिलाया | आरोपी ने महिला को मिलने के लिए बुलाया और भरोसे में लेकर उसे झांसे में फंसा लिया |
तीन बार कॉल कर चरौदा बस स्टैंड बुलाया
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आरक्षक ने 18 नवंबर की शाम 7 से 8 बजे के बीच महिला को तीन बार कॉल किया | इसके बाद उसे चरौदा बस स्टैंड बुलाया गया | महिला बेटे को जेल से बाहर निकालने की उम्मीद में वहां पहुंची |
सुनसान जगह पर ले जाकर की शर्मनाक हरकत
महिला के पहुंचने पर आरोपी आरक्षक उसे अपने निजी वाहन में बैठाकर चरौदा रेलवे स्कूल के पास एक सुनसान जगह पर ले गया | वहां आरोपी ने महिला के साथ छेड़छाड़ की और उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला | महिला के विरोध करने पर भी आरोपी नहीं माना |
पीरियड की बात कहने पर किया प्राइवेट पार्ट चेक
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने पीरियड होने की बात कहकर शारीरिक संबंध से इनकार किया, तो आरोपी आरक्षक ने उसका प्राइवेट पार्ट चेक किया | इस घटना से महिला पूरी तरह डर गई, लेकिन बाद में उसने हिम्मत जुटाकर महिला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई |
जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी आरक्षक को पहले निलंबित किया गया | इसके बाद विभागीय जांच करवाई गई | जांच रिपोर्ट में आरोपी को बैड टच और आचरण संबंधी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया | जांच पूरी होने के बाद SSP दुर्ग विजय अग्रवाल ने 26 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर आरोपी आरक्षक अरविंद कुमार मेंढे को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया |
2008 में हुई थी भर्ती
जानकारी के अनुसार अरविंद कुमार मेंढे की भर्ती 18 अगस्त 2008 को छत्तीसगढ़ पुलिस में हुई थी | वह 28 जून 2021 से थाना पुरानी भिलाई में पदस्थ था | महिला की अस्मत से खिलवाड़ का यह मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए हैं |