दुर्ग । जगजीत सिंह। ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए नींव पुस्तकालय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मददगार साबित होगा। नगर पंचायत धमधा के पीछे नवीन प्राथमिक शाला में संचालित इस पुस्तकालय की परिकल्पना शिक्षाविद डॉ. बी. रघु ने तब की थी, जब ये 2 वर्ष पूर्व जिला शिक्षा कार्यालय दुर्ग में सहायक संचालक के पद पर पदस्थ थे। उनकी इस परिकल्पना को धमधा के प्रबुद्धजनों द्वारा साकार किया जा रहा है, जो अब वृहद आकार ले चुका है। यकीन मानें तो यह इस परिकल्पना को धमधा के प्रबुद्धजनों द्वारा साकार किया जा रहा है, जो अब वृहद आकार ले चुका है। यकीन मानें तो यह पुस्तकालय आर्थिक दृष्टि से कमजोर प्रतिभावान छात्र/छात्राओं के कैरियर मार्गदर्शन में मील का पत्थर साबित होगा। यहां विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित मटेरियल स्थानीय प्रबुद्धजनों एवं स्वप्रेरित शिक्षकों के सहयोग से उपलब्ध कराया गया पुस्तकों से परिपूर्ण एक वृहद पुस्तकालय जनपहल से नवपहल के रूप में संचालित किया जा रहा है।
जिला मुख्यालय दुर्ग से 35 किलोमीटर की दूरी पर तालाबों की नगरी के रूप में मशहूर धमधा में स्थापित पुस्तकालय के लिए प्रबुद्धजनों द्वारा संचालन समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा पुस्तकालय के रखरखाव, प्रचार प्रसार तथा स्थानीय स्तर पर संसाधनों की उपलब्धता के साथ पुस्तकालय के संचालन की नियमावली तैयार की जाएगी। समिति के संरक्षक डॉ. बी. रघु होंगे। इसके साथ ही डी.पी. शर्मा (अध्यक्ष), विष्णु प्रसाद ताम्रकार (उपाध्यक्ष), मोहन पटेल (उपाध्यक्ष), विमल ताम्रकार (सचिव), विश्राम सिंह चोपडे (सह सचिव), विरेन्द्र सिंह ठाकुर (कोषाध्यक्ष) तथा कार्यकारिणी सदस्य शैलेन्द्र दानी, पवन देवांगन, देवेन्द्र गुप्ता
अजय यादव, सतीश उपाध्याय, टी. के. हिरवानी, अभिषेक ताम्रकार तथा वामन ताम्रकार होंगे। यह बता दें कि डॉ. बी. रघु के दिशा निर्देशन में विकासखंड में जनपहल से नवपहल कार्यक्रम संचालित था, इसके जरिए समाज के लोगों से सहयोग लेकर शिक्षा के क्षेत्र में बच्यों के लिए संसाधन एवं शिक्षा दान प्राप्त करना था और इसी कार्यक्रम के तहत नींब पुस्तकालय स्थापित किया गया है।