नागपुर । अब्दुल अमानी कुरैशी । हजरत ताजुद्दीन बाबा दरगाह ट्रस्ट के चेयरमैन तथा महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के नये अध्यक्ष प्यारे जिया खान की नियुक्ति के पश्चात उनका सत्कार करने आये शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखो से अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन प्यारे खान ने कहा कि हमारी नई शिक्षा प्रणाली और उसकी तकनीक काफी मजबूत है ।
प्यारे खान ने कहा कि, अल्पसंख्यक संस्थानों को चाहीए कि, वैज्ञानिक, अनुसंधान, व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा पर जोर दिया जाए प्यारे खान ने कहा कि,शैक्षणिक संस्थानो के प्रमुख होने के नाते आप का दायित्व है कि रोजगारपरक शिक्षण प्रशिक्षण पर पुरा फोकस करें।
हम हर साल 15 जुलाई को पूरी दुनिया में विश्व युवा कौशल दिवस मनाते आ रहे है। इसका उद्देश्य युवाओं को एक रोजगार, अच्छे काम, देश और अपनी प्रगति के लिए आवश्यक कौशल से लैस करने के महत्व पर जोर देना है।
पुरी दुनिया बदल रही है , अल्पसंख्यक (मुस्लिम समाज)को भी बदलना होगा आज देश और दुनिया विकसित हो रही है प्रौद्योगिकी और बदलते श्रम बाजार की गतिशीलता को देखते हुए युवाओं को आधुनिक और बहुमुखी कौशल से लैस करना आवश्यक हो गया है। हर विकसित देश की प्रगति के पीछे एक अच्छी शिक्षा प्रणाली का बड़ा योगदान रहा है।
प्यारे खान ने आगे कहा कि,भागदौड़ भरी जिंदगी में शिक्षा का व्यावसायीकरण जरूरी है। जिसके अनुसार देश में अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन/अनुमोदित पाठ्यक्रम संचालित किये गये हैं। यदि महाराष्ट्र में आई.टी.आई. वोकेशनल कोर्स की बात करें तो यहां कई वोकेशनल कोर्स भी संचालित हैं। (आईटीआई)
जो उद्यमिता मंत्रालय के अंतर्गत आता है। आईटीआई के तहत - कई तकनीकी पाठ्यक्रम पेश किए जाते हैं। जिसमें पाठ्यक्रम छह महीने से लेकर दो या तीन साल तक के अवधि के होते हैं। आठवीं पास छात्रों के पास प्लंबर कोर्स, ट्रैक्टर, बोकी मैकेनिक, लकड़ी का काम (लकड़ी का खराद), खेल का सामान या में बनाना, चमड़े का सामान बनाना, सिलाई, सुई का काम, वेल्डर (बिजली और गैस), बढ़ई, फाउंड्रीमैन जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए भी कई विकल्प हैं एवं सीट मेकर वर्कर आदि एक वर्षीय कोर्स किया जा सकता है।
दो साल के वोकेशनल कोर्स की बात करें तो वायर डीजल मैकेनिक, सीट मेटल वर्कर, कटिंग टेलरिंग, ड्रेस मेकिंग, हैंड कंपोजिटर, कंप्यूटर हार्डवेयर, नई कारपेंटर, ट्रैक्टर मैकेनिक आदि। इसी तरह, 10वीं कक्षा के बाद छात्र ड्राफ्ट्समैन, सिविल या मैकेनिकल, फिटर, टर्नर, हमारे इलेक्ट्रीशियन, मोटर मैकेनिक, सर्वेक्षक, रेफ्रिजरेटर और काफी मैकेनिकल इंस्ट्रूमेंट आदि जैसे दो साल के कोर्स भी कर सकते हैं। करण ये है के कोर्स सरकारी, अर्धसरकारी और गैरसरकारी संचालन एवं संगठनों द्वारा किया जाता है। सभी सरकारी संस्थानों में प्रवेश शुल्क लगभग नगण्य है। आईटीआई. एडमिशन लेने वाले छात्रों को थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल कराया जाता है। आईटीआई संस्थान में एडमिशन लेना बहुत आसान है।