नागपुर । अब्दुल अमानी कुरैशी । नागपुर से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर धामना (लिंगा) गांव के पास जिस चामुंडी एक्सप्लासिव कंपनी प्राइवेट लिमिटेड में विस्फोट से 8 मजदूरों की मौत हो गई, उसके बारे में एक-एक कर हैरान करने वाली जानकारी आ रही है। इस कंपनी में काम करने वालों को रखने का पैमाना बड़ा अजीब था। गांव वालों की मानें तो कंपनी में ऐसे ही लोगों को रखा जाता था, जिनका कोई सहारा नहीं होता था।
जान गवां चुकीं प्रांजलि, प्राची, वैशाली अविवाहित थी। मोनाली और शीतल को उसके पतियों ने छोड़ दिया था। वह माता- पिता के घर में रहकर कंपनी में काम करके जीवन यापन कर रही थी। साफ है कि कंपनी उन लोगों को ही काम पर रखने में प्राथमिकता देती थी, जिनके लिए लड़ने वाला न हो। मतलब, हादसे से बचने की पृष्ठभूमि पहले से ही तैयार कर रखी गई थी।
उसकी मां अस्पताल में भर्ती है । परी के पूछने पर उसे बताया कि उसकी मां अस्पताल में है और जल्दी ठीक होकर घर लौटने वाली है।
प्रांजली की होने वाली थी शादी
प्रांजली कृष्णा गोदरे की अभी शादी नहीं हुई । यह भी रोजंदारी पर इसी कंपनी में काम करती थी । प्रांजली के पिता ने बताया कि इस वर्ष उसकी शादी करने का इरादा था । नागपुर स्थित एक परिवार से उसके रिश्ते की बात भी चल रही वी आने वाले बुधवार को लड़के वाले रिश्ता पक्का करने के इरादे से आने वाले थे । प्रांजली भी काफी खुश थी और ऐसे में ऐसा हादसा हुआ । माता-पिता को इस बात का सर्वाधिक दुख है कि उनकी बेटी बिनब्याही ही चली गई, जहां से उसकी डोली उठनी थी वहां से उसकी अर्थी निकल रही है । ये सोचकर माता-पिता गहरे सदमे में हैं ।
'माझी ताई मला सोडून गेली'
परिवार में प्राची सहित 3 बहनें थीं । माता-पिता मजदूरी करके परिवार चलाते थे । प्राची को बहनों के साथ काफी लगाव था । पूरा परिवार खुश था । ऐसे में गुरुवार को कंपनी में धमाका होने की खबर मिलते ही पूरा परिवार हिल गया । सब भगवन से कामना कर रहे थे कि प्राची सही सलामत हो लेकिन नियति को शायद ये मंजूर नहीं था । छोटी बहनें 'माझी ताई मला सोडून गेली कहकर रोती रहीं । घर का एक कमाऊ हाथ चले जाने का गम भी प्राची के माता-पिता को है ।
आज मैं घर जल्दी आऊंगी मोनाली
गुरुवार को काम पर जाने से पहले कहकर गई थी कि आज में जल्दी घर आउंगी माता-पिता मोनाली को कंपनी में काम पर जाने से पहले खुश देख रहे थे लेकिन उन्हें क्या पता था कि बेटी के घर जल्दी आने का मतलब कुछ और ही होगा कंपनी में ब्लास्ट की खबर के साथ बेटी की मौत की खबर ने माता-पिता और भाई-बहनों को झकझोर कर रख दिया ।
धनादेश मिलने के बाद हुआ अंतिम संस्कार
मृतकों का शुक्रवार को अंतिम संस्कार होना था । कित्तु मृतकों के परिजनों को मुआवजे के तौर पर कंपनी की ओर से 25-25 लाख और सरकार की ओर से 10-10 लाख रुपये देने की मांग विधायक अनिल देशमुख तथा पूर्व जिप अध्यक्ष सुनीता गावंडे द्वारा की गई थी । उनकी मांग कंपनी प्रसासन ने मंजूर की और 6 मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रूपये के धनादेश सौंपे गए । इस मौके पर जिप सदस्य भारती पाटिल, पंस उपसभापति अविनास पात्पी, धामना की सरपंच वंदना सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे । इसके बाद ग्रामीणों ने मृतकों के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की ।
वैशाली क्षीरसागर घर की बड़ी बेटी थी
उसका छोटा भाई है । वैशाली के पिता दिव्यांग होने से और घर की बड़ी बेटी होने से वह चामुंडी एक्सप्लोसिव कंपनी में काम पर जाया करती थी । भाई -बहन में खूब प्यार था लेकिन गुरुवार को अपनी बहन की मौत की खबर सुनकर उसका भाई स्तब्ध रह गया, वो अपने माता-पिता और रिश्तेदारों से पूछ रहा है कि अब मेरे हाथों पर राखी कौन बांधेगा?