मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | घर बनाते या खरीदते वक्त हो सकता है आपने यह सेचा न हो कि आपके मुख्य दरवाजे की दिशा आपकी तिजोरी के हाल से भी जुड़ी है। जी हां, वास्तु के अनुसार घर का मुख्य दरवाजा यदि सही दिशा में न हो तो आपके धन-सम्पत्ति का विनाश तक हो सकता है। आइए जानें, दरवाजे के लिए कौन सी दिशा शुभ है और कौन सी अशुभ। यदि अशुभ दिशा में हो दरवाजा तो उसे शुभ बनाने के लिए क्या हैं उपाय…
कहते हैं दरवाजे की दिशा सही न हो तो आपके घर का पैसा किस कदर हाथ से बह जाएगा, आपको पता भी नही चलेगा। ऐसे में घर की बरकत रुक जाती है।
घर की दरवाजा यदि पूर्व में हो तो कहते हैं कि वह परिवार ऋण के बोझ तले ऐसा दब जाता है, जिससे उबरना उनके लिए एक बेहद मुश्किल काम होता है। इससे होनेवाले अपशकुन को दूर करने के लिए किसी सोमवार को घर के दरवाजे के बीच रुद्राक्ष लटका दें और पहले सोमवार को भगवान शिव का स्मरण कर श्रद्धापूर्वक हवन कार्य करें। यह पूर्व दिशा में मौजूद दरवाजे के अपशकुन को दूर कर सुख-समृद्धि को घर में प्रवेश करने के लिए रास्ता देता है।
यदि दरवाजा पश्चिम दिशा में हो तो यह दिशा भी शुभ नहीं है। कहते हैं इस दिशा में दरवाजे की मौजूदगी आपके सुख-समृद्धि को दरवाजे से बाहर छोड़ आती है। इसके दोष को खत्म करने के लिए किसी रविवार को दरवाजे के सामने नारियल और कुछ सिक्के रखें और फिर इसे लाल कपड़े में बांधकर दरवाजे के बाहर लटका दें। इसके बाद सूर्य के मंत्र से हवन करना श्रेष्ठ कहा गया है। ऐसा करने से इस दिशा के दो, दूर हो जाएंगे और आपके घर धन-सम्पत्ति की वृद्धि शुरू हो जाएगी।
यदि मुख्य दरवाजा उत्तर दिशा में हो तो यह आपकी सुखृ-समृद्धि और धन-सम्पत्ति की दृष्टि से श्रेष्ठ है। लेकिन, दिशा दोष का एहसास हो रहा हो तो एक काम कर सकते हैं। गुरुवार को पीले फूलों की माला अपने गेट पर लगाएं और भगवान विष्णु की आराधना करें। आपकी समस्याओं का समाधान होगा।
दक्षिण दिशा में दरवाजे का होना वास्तु में सबसे गलत माना गया है। कहते हैं कि यदि दरवाजा दक्षिण में हो तो घर वाले को हमेशा आर्थिक संकटों से जूझना ही पड़ता है। इसके लिए बुधवार या गुरुवार के दिन नींबू धागे में बांधकर दरवाजे पर लटका दें। इसके अलावा सात कौड़ी भी धागे में पिरोकर आप अपने दरवाजे पर लटका सकते हैं। इससे घर में बरकत आ जाती है।