नई दिल्ली । जसविंदर सिंह। बिहार के जहानाबाद में एक साहसी बेटी की चर्चा चारों ओर हो रही है। इस बेटी ने चचेरे भाइयों के बीच जमीन के विवाद में हिंसक वारदात की घटना को रोक लिया। साहसी युवती ने लोडेड पिस्टल लिए चाचा का न सिर्फ विरोध किया बल्कि हाथ पकड़कर हथियार भी छीन लिया। इस तरह उसने पिता की जान और चाचा को हत्यारा बनने से बचा लिया। पिस्टल में उस समय पांच गोलियां थीं। घटना नगर थाना क्षेत्र के कल्पा ओपी अंतर्गत ख़िदरपुरा गांव में की है।
सूचना मिलने पर कल्पा ओपी की पुलिस खिदरपुरा गांव में गई और मामले की तहकीकात की। छीनी गयी गोली और पिस्तौल पुलिस को सौंप दिया गया है। आरोपित चाचा अभय कुमार उर्फ रामबाबू मौका पाकर फरार हो गया। इस संबंध में रामबाबू के अलावा उनकी पत्नी सरिता देवी को नामजद आरोपित किया गया है। घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। कल्पा ओपी के प्रभारी मुकेश कुमार ने इसकी पुष्टि की है।
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पुलिस के अनुसार ख़िदरपुरा निवासी नागेंद्र सिंह से परशुरामपुर गांव के निवासी विजेंद्र कुमार से पूर्व में जमीन बेची थी। खरीदार विजेंद्र कुमार खरीदी गई जमीन पर अपना दखल कब्जा करना चाहते थे, जिन्हें आरोपित अभय उर्फ रामबाबू भगा दिया करते थे। जमीन के खरीदार ने इसकी शिकायत नागेंद्र सिंह से की और जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की थी।
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जानकारी के अनुसार मंगलवार को नागेंद्र सिंह जमीन पर गए। उस समय उनकी बेटी रूपम कुमारी भी साथ में थी। बताया गया है कि आरोपित रामबाबू के अलावा उनकी पत्नी एवं अन्य लोग भी वहां पर आकर जमीन कब्जा करने से रोका। पुलिस को बताया गया है कि आरोपित ने लोडेड पिस्तौल निकालकर अपने चचेरे भाई नागेंद्र सिंह पर हमला करने की कोशिश की। उसी दौरान साहस का परिचय देते हुए रूपम कुमारी ने प्रतिकार किया और हाथापाई के दौरान अपने चचेरे चाचा से लोडेड पिस्तौल और गोलियां छीन ली।
हल्ला सुन गांव के लोग भी जुटने लगे तब तक आरोपित और उनकी पत्नी वहां से फरार हो गई। सूचना पाकर पुलिस वहां पहुंची और देसी कट्टा और गोली जब्त किया। इस संबंध में अग्रेतर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज कर आरोपित पति - पत्नी को पकड़ने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।