March 26, 2021

Join With Us


एक वर्ष से गांव में एक मच्छर नही, और न कोई मलेरिया का मरीज : जलसंग्रहण की दिशा बना वनांचल का रोल मॉडल गांव




अंबागढ़ चौकी | केजन साहू | छग महाराष्ट्र की सीमा व ब्लाक के अंतिम छोर पर बसा अतिसंवदेनशील गांव डुमरघुंचा, 136 परिवारों का मिट्टी से बना छानीयुक्त मकान. जलसंग्रहण को लेकर यंहा रहने वाले गा्रमीणो की सोच एैसी की वे आज कस्बो व शहरों में सर्वसुविधायुक्त बिल्डिंगों में रहने वालों को काफी पीछे छोड़ अपने गांव को आदर्श गांव में तब्दील कर दिया है. डुमरघुंचा गांव में हर ग्रामीण ने जलसंग्रहण व गांव का जलस्तर बढ़ाने के लिए अपने-अपने मकानो में सोख्ता गढ्ढा का निर्माण किया है. इसके अलावा इन्हे गांव में मच्छरों व मलेरिया से पुरी तरह मुक्ति मिल गई है |

बीहड़ वन एवं बार्डर पर बसा गांव डुमरघुंचा में एक वर्ष पहले तक पेयजल व निस्तार के लिए हमेशा जलसंकट का सामना करना पड़ता था. इस समस्या के निराकरण के लिए गांव के प्रमुख निवासी रियाज खान की जल संग्रहण की सोच ने आज गांव की न केवल तस्वीर बदल दी है बल्कि डुमरघुंचा संपूर्ण वनांचल में एक आदर्श गांव बनकर उभरा है. श्री खान की प्रेरणा व परिश्रम से एकजुट हुए ग्रामीणों ने गांव के हर मकान में सोख्ता गढ्ढा का निर्माण किया है. इससे बारिश के पानी के साथ-साथ घर के निस्तार का पुरा पानी जमीन में लौट रहा है. इससे गांव का जलस्तर बीते वर्षों के मुकाबले तेजी से बढ़ गया है. पहले यहां पर 250 से 300 फीट में पानी मिलता था, लेकिन अब 50 से 100 फीट के अंदर ही भरपुर जलस्त्रोत मिल रहा है. मुडपार ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम डुमरघुंचा के सरपंच विष्णुदेव मंडावी, मितानिन कलसिया बाई ने बताया की बिना किसी शासकीय मद्द के डुमरघुचा के ग्रामीणों ने स्वयं के पैसे से हर घर में सोख्ता गढ्ढा का निर्माण कर जल संग्रहण के क्षेत्र में एक अनूठा पहल किया है. यहां के प्रदीप दास, भागसिंह मंडावी, सुशीला सलामे, महाशीर नेताम, भुनेश्वरी कोर्राम, शांति कचलामे, स्वरूप बाई, उपसरपंच भीष्मदेव मंडावी ने बताया की जब से वे रियाज भाई के मार्गदर्शन व अगुवाई में जल संग्रहण के लिए सोख्ता गढ्ढा का निर्माण किया है तब से गांव का जलस्तर काफी बढ़ गया हैं पहले गांव में स्थापित हैडपंप में पानी तत्काल मिल जाता है और गांव के तालाब में गर्मी में भी पानी मिल जाता है. इसके अलावा गांव में निस्तार पानी की निकासी का झंझट खत्म हो जाने से मच्छरों से पुरी तरह मुक्ति मिल गई है. इधर गांव में वाटर रिचार्ज के लिए प्रेरणास्त्रोत बने रियाज खान का कहना है की हर काम के लिए सरकार की राह देखना उचित नही है. अपने जीवन को खुशहाल बनाने के लिए हमको ही आगे आकर कार्य करने की आवश्यकता है |

सोख्ता गढ्ढा के निर्माण में लागत 12 से 15 सौ रूपये खर्च
डुमरघुंचा के ग्रामीणों ने बिना किसी शासकीय मद से नही बल्कि अपने स्वयं के खर्च से अपने-अपने घरों में सोख्ता गढ्ढा का निर्माण किया है. रियाज भाई व ग्रामीणों ने बताया की सोख्ता गढ्ढा निर्माण में मुश्किल से 12 से 15 सौ रूपए ही खर्च आता है. यदि इस कार्य में व्यक्ति स्वंय मजदूरी करता है तो मात्र एक हजार रूपए के अंदर ही सोख्ता गढ्ढा का निर्माण हो जाता है. सोख्ता गढ्ढा निर्माण 2 बाई 2 फीट का गढ्ढा निर्माण किया जाता है. गढ्ढे में छोटा-छोटा पत्थर गिट्टी डाल दिया जाता है और इसके उपर केप कवर बनाकर ढ़क दिया जाता है. बारिश व निस्तार के पानी को प्लास्टिक पाईप की केसींग बनाकर इसे वापस जमीन में पहुंचा दिया जाता है |


डेढ वर्ष से डुमरघुंचा में नही मिला कोई मलेरिया का मरीज, गांव में एक मच्छर नही
स्वास्थ्य विभाग की माने तो डुमरघुंचा में पिछले डेढ़ साल से मलेरिया से प्रभावित एक भी मरीज नही मिला है | जबकि इससे पहले दर्जनों लोग हर वर्ष मलेरिया से जुझते थे | चिल्हाटी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ लैब टैक्निशियन ज्योति यादव एवं आएएचओ श्रीमती अल्फा फिल्कस चौहान ने बताया की बीहड़ वन आच्छदित क्षेत्र होने के बाद भी डुमरघुचा में पिछले डेढ़ वर्ष से मलेरिया के एक केस सामने नही आया है. यह निश्चित तौर इस गांव के ग्रामीणों व इस गांव के लिए बड़ी उपलब्धि है | चारो तरफ से वनों से घिरे होने के बाद भी गांव में एक मच्छर का नही होना अपने आप में किसी आश्चर्य से कम नही है | बीएमओ डॉ आर.आर.ध्रुवे ने बताया की डुमरघुंचा में एक वर्ष से मलेरिया का कोई केस सामने नही आया | जबकि अन्य वर्षों में यहां पर मलेरिया के काफी केस मिलते थे |

डुमरघुंचा को माडल बनाएंगे- इन्द्रशाह मंडावी
सामुदायिक सहभागिता व एकजुटता से बड़ा से बड़ा काम किया जा सकता है. छग शासन के संसदीय सचिव व मोहला मानपुर विधायक इन्द्रशाह मंडावी ने समाजसेवी रियाज खान व डुमरघुंचा के ग्रामीणों के प्रयास व अनूठी पहल की सराहना की है. उन्होने कहा की स्वयं के खर्च से गांव को जलसंग्रहण के क्षेत्र में रोल माडल बनाना एक बड़ी उपलब्धि है. विधायक श्री मंडावी ने कहा की हम डुमरघुंचा को जल संग्रहण ही नही अब हर क्षेत्र में एक रोल माडल के रूप में प्रस्तुत करेंगे | जनपद पंचायत के सीईओ बी.एल. देहारी ने भी डुमरघुंचा के ग्रामीणो के सामुहिक प्रयास को वनांचल के लिए एक प्रेरणादायी कदम बताया |



Related Post


+36
°
C
+39°
+29°
New Delhi
Wednesday, 10
See 7-Day Forecast

Advertisement









Tranding News

Get In Touch
Avatar

सोनम कौर भाटिया

प्रधान संपादक

+91 73540 77535

contact@vcannews.com

© Vcannews. All Rights Reserved. Developed by NEETWEE