मुंबई | ऋषि भट्ट |हमारा समाज महिला और पुरुष के बीच संबंधों को तभी मान्यता देता है जब कि वे दोनों वैवाहिक बंधन में बंधे हों। यूं तो विवाह के बाद स्त्री-पुरुष के बीच शारीरिक संबंध को पूरी तरह शुभ और मान्यताओं के अनुरूप माना जाता है। सेक्स पति-पत्नी के जीवन की अमूल्य निधि है।लेकिन ब्रह्मवैवर्तपुराण के अनुसार कुछ ऐसे दिन भी हैं जिस दिन पति-पत्नी को किसी भी रूप में शारीरिक संबंध स्थापित नहीं करने चाहिए।
इन दिनों में ना बनाएं शारीरिक संबंध :
अमावस्या :- अमावस्या के दिन को एक दूसरे के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए।
पूर्णिमा :- पूर्णिमा की रात भी विवाहित दंपत्ति को एक दूसरे से अलग ही रहना चाहिए।
संक्रांति :- संक्रांति के समय को स्त्री-पुरुष एक दूसरे के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए।
रविवार :- पुराणों के अनुसार रविवार के दिन भी को एक दूसरे से दूर ही रहना चाहिए।
श्राद्ध या पितृ पक्ष :- श्राद्ध के दौरान भी स्त्री-पुरुष को संबंध बनाने के विषय में नहीं सोचना चाहिए।
व्रत :- जिस दिन स्त्री या पुरुष व्रत रखते हैं, उस दिन संभोग करना सही नहीं माना गया है।
नवरात्रि :- नवरात्रि के दिनों में भी स्त्री-पुरुष के बीच शारीरिक संबंध स्थापित होना निषेध करार दिया गया है।