मुंबई | ऋषि भट्ट| पुरुषों में बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक लिहाज से कई बदलाव आते हैं। इस तरह के बदलाव में सेक्युअल बदलाव भी होते है। बढ़ती उम्र के साथ ना सिर्फ सेहत संबंधी दिक्कतें आती है बल्कि इस दौरान पुरुषों में काफी यौन बदलाव भी आते है |
जिसमें यौन क्षमता पर भी असर होता है। मुख्य तौर पर पुरुषों में बढ़ती उम्र के साथ यह बदलाव देखने को मिलते है। पुरुषों में बढ़ती उम्र के साथ टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर गिरने लगता है जिसकी वजह से सेक्स करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। इस हार्मोन की पर्याप्त मौजूदगी और उसका उचित स्राव शरीर में सेक्स क्षमता को बनाए रखता है।
पुरुषों में शुक्राणुओं की उत्पति भी कम मात्रा में होती है। साथ ही इस दौरान सेक्स के लिहाज से उत्तेजना होने में भी लंबा वक्त लगता है। साथ ही उत्तेजना पहले की तरह नहीं रह जाता है।
इस दौरान पुरुषों में हृदय रोग, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां घर कर लेती है। शरीर में खून का प्रवाह पहले की तरह नहीं रह जाता है। इससे पुरुषों में उत्तेजना की कमी आ जाती है। क्योंकि पुरुषों का लिंग सेक्स के दौरान रक्त प्रवाह की वजह से ही उत्तेजित होता है। रक्त प्रवाह प्रभावित होने से लिंग की उत्तेजना पर भी असर होता है।
कई पुरुषों में मधुमेह की बीमारी हो जाती है जिससे उनकी सेक्स क्षमता प्रभावित होती है। इस बीमारी से नपुंसकता के साथ यौन क्रिया पर भी असर होता है।
बढ़ती उम्र के साथ अर्थराइटिस, पीठ में दर्द और कई प्रकार के होनेवाले चर्मरोग पुरुषों की सेक्स क्षमता पर असर डालते है। शरीर में होनेवाले दर्द की वजह से पुरुषों की सेक्स करने की क्षमता घट जाती है।