मुंबई | ऋषि भट्ट | मुंबई पुलिस ने महिला कॉन्स्टेबल समेत तीन आरोपियों को हेड कॉन्स्टेबल की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है | पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गयामुंबई: मुंबई पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल शिवाजी सानप की हत्या के आरोप में पुलिस ने एक महिला पुलिसकर्मी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है |
54 वर्षीय शिवाजी सानप की इसी साल 15 अगस्त को एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी, पनवेल स्टेशन के पास एक नैनो कार ने टक्कर मार दी थी | शिवाजी की पत्नी ने हत्या की आशंका जताई और फिर पुलिस ने गंभीरता से मामले की जांच शुरू की | पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गयासड़क हादसा दिखाना चाहते थे |
आरोपी पुणे के रहने वाले हेड कॉन्स्टेबल शिवाजी सानप नेहरू नगर थाने में पोस्टेड थे और ड्यूटी खत्म करने के बाद रोजाना अपने घर लौट जाते थे | वो रोजाना रात को नेहरु नगर से लोकल ट्रेन पकड़ कुर्ला पहुंचते और फिर फिर बस से पनवेल जाते थे | इसके बाद दूसरी बस पकड़कर वह पुणे जाते थे |
डेली रुटीन के मुताबिक 15 अगस्त को भी शिवाजी सानप रात 10.30 बजे कुर्ला स्टेशन पर उतरके पनवेल के लिए बस पकड़ने सड़क से गुजर रहे थे, तभी तेज रफ्तार नैना कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और वो गंभीर रूप से घायल हो गए | पुलिस शिवाजी को अस्पताल ले गई, लेकिन डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा पाए | आरोपियों ने इसे सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की थी |
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, हादसे के बाद पुलिस ने रोड एक्सीडेंट का केस दर्ज किया, लेकिन शिवाजी सानप की पत्नी और उनके साले ने हत्या का शक जताया | शिवाजी की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की |
मामले में हत्या का एंगल तब सामने आया, जब घटना में शामिल नैनो कार एक्सीडेंट से कुछ किलोमीटर दूरी पर चली मिली | इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की और शिवाजी को तेज रफ्तार नैनो कार से रौंदने का फुटेज हाथ लगा | नैनो कार में दो लोग सवार थे |
जांच में 2 साल पुराना मामला आया सामने
जांच के दौरान पुलिस को साल 2019 की कहानी पता चली, जिसमें शीतल पनसारे नाम की एक महिला कॉन्स्टेबल ने शिवाजी सानप के खिलाफ छेड़खानी और यौन शोषण के मामले में दो अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई थी |
पुलिस ने हत्या के मामले में पुराने मामले की जांच की, तब पता चला कि 2 साल पहले शिवाजी और शीतल नेहरु नगर थाने में एक साथ काम करते थे | इस दौरान दोनों के बीच गहरे रिश्ते थे, लेकिन फिर अचानक रिश्तों में कड़वाहट आ गई और झगड़े के बाद शीतल ने शिवाजी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी | शिवाजी की पत्नी और साले ने शीतल पर हत्या का आरोप लगाया, लेकिन पुलिस के हाथ कोई सबूत नहीं लगी थी |
पुलिस ने शीतल की गतिविधियों की जांच शुरू की तो पता चला कि साल 2019 में शीतल ने तमिलनाडु के रहने वाले धनराज जाधव नाम के बस ड्राइवर से दोस्ती की और सिर्फ 5 दिनों में ही शादी कर ली | पुलिस ने धनराज से पूछताछ की, जिसने खुलासा किया कि शादी के एक हफ्ते बाद शीतल ने शिवाजी की कहानी सुनाई थी और कहा था कि वो बदला लेना चाहती है |
शीतल ने धनराज से कहा था कि तुम एक ड्राइवर हो और शिवाजी की मौत एक रोड एक्सीडेंट में हो जाए तो कोई शक भी नहीं करेगा | धनराज हत्या के लिए तैयार नहीं था, लेकिन शीतल लगातार दबाव बनाती रही | इससे परेशान होकर धनराज तमिलनाडु चला गया.धनराज ने की कातिल की पहचान |
पुलिस ने सीसीटीवी से मिले दो लोगों की तस्वीरों को धनराज जाधव को दिखाया | इनमें से विशाल जाधव नाम के शख्स को धनराज पहचान गया और बताया कि शीतल जिस सोसाइटी में रहती थी वह उसके सिक्योरिटी गार्ड का बेटा है | इसके बाद पुलिस ने कत्ल के वारदात को अंजाम देने वाले दोनों लोगों को पकड़ लिया |
सिक्योरिटी गार्ड के बेटे से करवाई हत्या
पुलिस जांच में पता चला कि पति से हत्या कराने की साजिश नाकाम होने के बाद शीतल ने सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड के बेटे को फंसाया | एक दिन शीतल ने शिवाजी के बारे में विशाल को बताया और वो हत्या के लिए तैयार हो गया |
इसके लिए उसने अपनी 21 साल के दोस्त गणेश चव्हान की मदद ली, जो तेलंगाना का रहने वाला है | जांच में पता चला कि हत्या के लिए शीतल ने विशाल को 50 हजार और गणेश को 70 हजार रुपये भी दिए थे |