अशरफ गनी सरकार ने स्वीकार कर लिया है कि 20 साल लंबी जंग में तालिबान जीत गया
नई दिल्ली | गुरमीत सिंह | तालिबान लड़ाके रविवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में घुस गए और राष्ट्रपति भवन को कब्जे में ले लिया | इसी के साथ राष्ट्रपति अशरफ गनी समेत कई बड़े नेताओं ने देश छोड़ दिया है | वहीं अब हजारों की संख्या में आम लोग काबुल छोड़कर दूसरे देश जाने की कोशिश कर रहे हैं | वहीं काबुल एयरपोर्ट पर अफरातफरी का आलम है, हजारों की संख्या में लोग देश छोड़ने के लिए एयरपोर्ट पर उमड़ पड़े हैं | उन्हें तालिबान के हाथों मौत का खतरा सता रहा है |
आखिरकार वही हुआ जिसका अंदेशा था | अमेरिकी-नाटो सैनिकों की अफगानिस्तान से वापसी के बाद तालिबान का मुल्क पर नियंत्रण हो गया है | इसके कारण देश में दहशत का माहौल है और लोग देश छोड़कर भागने को मजबूर हैं | काबुल पर रविवार को कब्जा कर लेने के बाद अफगानिस्तान पर अब पूरी तरह से तालिबानियों की हुकूमत गया है |
विज्ञापन
हालत यह है कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी पड़ोसी देश ताजिकिस्तान में शरण ले चुके हैं | तालिबान के हथियारबंद सदस्यों के राष्ट्रपति कार्यालय पर नियंत्रण स्थापित कर लेने की तस्वीरें भी सामने आई थीं | अशरफ गनी सरकार ने स्वीकार कर लिया है कि 20 साल लंबी जंग में तालिबान जीत गया है |
विज्ञापन
अमेरिका ने तालिबान से सड़कों, एयरपोर्ट और सीमावर्ती प्रवेश मार्गों से बाहर जा रहे लोगों को कोई नुकसान न पहुंचाने की चेतावनी दी है | अमेरिका की अगुवाई में 65 देशों ने इसको लेकर एक साझा बयान जारी किया है | अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस समेत तमाम देश अफगानिस्तान से अपने नागरिकों को निकालने के लिए विशेष फ्लाइट चला रहे हैं |