February 21, 2026

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ईरान से तनाव : सऊदी से न्यूक्लियर डील करेगा अमेरिका ?

सऊदी ने पाकिस्तान के साथ की थी डील




मुंबई | न्यूज़ डेस्क | अमेरिका और सऊदी अरब के बीच परमाणु समझौता प्रस्तावित है |  अगर डील फाइनल हुई तो सऊदी को यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिल सकती है |  यह डील ऐसे समय होने जा रही है, जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है |  सऊदी पहले ही कह चुका है कि अगर ईरान परमाणु बम बनाता है, तो वह भी ऐसा करेगा | 

अमेरिका और सऊदी अरब के बीच एक संभावित परमाणु समझौते को लेकर चिंता बढ़ गई है |  अमेरिकी कांग्रेस के दस्तावेज और वॉशिंगटन स्थित आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन ने कहा है कि इस डील के तहत सऊदी अरब को अपने देश में यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) की इजाजत मिल सकती है |  एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे भविष्य में परमाणु हथियार बनाने का रास्ता खुल सकता है | 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन दोनों ने सऊदी अरब के साथ परमाणु समझौता करने की कोशिश की थी, ताकि अमेरिकी तकनीक साझा की जा सके |  लेकिन चिंता इस बात की है कि अगर सऊदी अरब अपने यहां सेंट्रीफ्यूज चलाने लगा, तो वह हथियार कार्यक्रम की दिशा में बढ़ सकता है |  सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) पहले कह चुके हैं कि अगर ईरान परमाणु बम बनाता है, तो वे भी ऐसा करेंगे | 

सऊदी ने पाकिस्तान के साथ  की थी डील

पिछले साल सऊदी अरब और परमाणु हथियार संपन्न पाकिस्तान ने आपसी रक्षा समझौता किया था |  इसके बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर उनका परमाणु कार्यक्रम सऊदी अरब के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है |  इसे इजराइल के लिए एक चेतावनी के तौर पर देखा गया, जिसे मिडिल ईस्ट का इकलौता परमाणु हथियार संपन्न देश माना जाता है | 

ट्रंप का प्लान क्या है?

अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन दुनिया के 20 देशों के साथ परमाणु व्यापार समझौते करना चाहता है, जिनमें सऊदी अरब भी शामिल है. यह समझौता अरबों डॉलर का हो सकता है. इसके तहत दोनों देश संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के साथ सुरक्षा और निगरानी समझौता करेंगे. इसमें एनरिचमेंट, फ्यूल बनाने और री प्रोसेसिंग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी होगी | 

IAEA ने कहा है कि वह दोनों देशों के संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर जांच और सत्यापन करेगा. विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ एनरिचमेंट से तुरंत परमाणु बम नहीं बनता, क्योंकि इसके लिए और भी तकनीकी कदम जरूरी होते हैं. लेकिन यह हथियार बनाने की दिशा में अहम चरण है. यही वजह है कि पश्चिमी देश ईरान के कार्यक्रम को लेकर भी चिंतित रहे हैं, क्योंकि ईरान 60% तक यूरेनियम संवर्धन कर चुका है. परमाणु हथियार बनाने के लिए यूरेनियम का 90% संवर्धन जरूरी है | 





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