नई दिल्ली | न्यूज़ डेस्क | राजधानी दिल्ली में H1N1 (स्वाइन फ्लू) का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ता जा रहा है। दिल्ली सरकार ने बुधवार को बताया कि पिछले 24 घंटे के अंदर 138 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद दिल्ली में H1N1 के कुल मामलों की संख्या 2,446 पहुंच गई। इसके अलावा इन्फ्लूएंजा ए के कुल मरीजों की संख्या भी 3177 तक जा पहुंची है।
दिल्ली सरकार ने अस्पतालों के लिए अलर्ट मोड जारी किया है। सरकार ने अस्पतालों को कम से कम पांच आइसोलेशन बेड रखने का निर्देश दिया है, जबकि बड़े अस्पतालों में इन्फ्लूएंजा और वेक्टर-बोर्न बीमारियों के मामलों के मैनेजमेंट के लिए 10 या उससे ज्यादा आइसोलेशन बेड होने चाहिए। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों को शिफ्ट के हिसाब से सही ड्यूटी रोस्टर और डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की चौबीसों घंटे मौजूदगी सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।
बच्चे और बुजुर्गों पर खास ध्यान दें अस्पताल
इसके अलावा सरकार ने बच्चों और बुज़ुर्गों पर भी खास ध्यान देने के निर्देश अस्पतालों को जारी किए हैं। अस्पतालों को इन कमजोर ग्रुप्स के लिए समय पर असेसमेंट और सही देखभाल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों को इमरजेंसी डिपार्टमेंट में डेडिकेटेड फ्लू कॉर्नर बनाने या उन्हें मजबूत करने का भी निर्देश दिया, जिसमें सीनियर रेजिडेंट्स को इमरजेंसी ड्यूटी के लिए तैनात किया जाए।
उत्तराखंड में भी स्वाइन फ्लू के 57 मामले
स्वाइन फ्लू का खतरा सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि उत्तराखंड में भी बढ़ रहा है। उत्तराखंड में भी स्वाइन फ्लू के मामले 57 तक जा पहुंचे हैं। सबसे अधिक केस देहरादून में हैं। वहां भी राज्य सरकार ने अधिकारियों को सतर्कता बरतने एवं अस्पतालों में जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सबसे अधिक केस देहरादून में
प्रदेश की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशक डॉ. शिखा जंगपागी ने बुधवार को बताया कि प्रदेश में मंगलवार तक इन्फ्लूएंजा ‘ए’ से पीड़ित 57 मामले सामने आए हैं जिनमें से सर्वाधिक 52 मामले देहरादून जिले में हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, नैनीताल जिले में तीन जबकि हरिद्वार जिले में दो मामले सामने आए हैं।