10 साल से वर्कआउट कर रही हूं, मुझ में ताकत है, मैं चाहती तो उसे घूंसा मार सकती थी
आउटर दिल्ली | कलीम खान | उत्तरप्रदेश के लखनऊ में कैब ड्राइवर को पीटने के बाद चर्चा में आई प्रियदर्शिनी नारायण ने एक टीवी चैनल से खास बातचीत के दौरान कहा कि अगर पुलिस अपना काम ठीक से करती तो उसे थप्पड़ मारने की जरूरत नहीं पड़ती। पुलिस ने अपना काम नहीं किया, इसलिए उसे कानून अपने हाथ में लेना पड़ा। इसके साथ ही प्रियदर्शिनी ने मामले में पैचअप की बात कही है।
एक टीवी चैनल के रिपोर्टर से बातचीत में प्रियदर्शिनी ने धमकी देते हुए कहा कि सादत अली सिद्दीकी (कैब ड्राइवर) या तो पैचअप करेंगे वरना मैं इसकी पूरी पोल खोल डालूंगी। प्रियदर्शिनी ने कहा कि पोल मैं ऐसे खोलूंगी कि मैं जब घर से निकलती हूं और जहां तक जाती हूं, वहां तक के सारे सीसीटीवी, होटल के, मेट्रो के और पुलिस स्टेशन के खुलवा दूंगी। कोर्ट अपनी आंखों से देखेगा कि कितनी बार मुझ पर अटैक हुआ है।
पुलिस पर लगाए आरोप
प्रियदर्शिनी ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि मैं यूपी पुलिस से तंग आ चुकी थी। मुझ पर अटैक करने वालों को पुलिस छोड़ देती थी। जो लोग कह रहे हैं कि मैंने गंदे तरीके से मारा तो गुस्सा भी एक चीज होती है। मैं 10 साल से वर्कआउट कर रही हूं। मेरे में ताकत है, मैं चाहती तो उसे घूंसा मार सकती थी, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। पुलिस के आने के बाद मैंने उसे छोड़ दिया था।
क्या है पूरा मामला
लखनऊ में कृष्णानगर के अवध चौराहे पर प्रियदर्शिनी ने ऊबर कैब ड्राइवर को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई की और उसका फोन भी तोड़ गिया। लगभग आधे घंटे तक बीच चौराहे पर युवती का ड्रामा चलता रहा और ड्राइवर को थप्पड़ मारती रही। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया |
जिसके बाद ट्विटर पर हैशटैग #ArrestLucknowGirl ट्रेंड करने लगा। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले का सच सामने आया और फिर पुलिस ने महिला के खिलाफ लूट और मारपीट करने की धाराओं में केस दर्ज किया। इस मामले में कृष्णानगर के थाना प्रभारी, उप निरीक्षक और चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर किया जा चुका है। थाना प्रभारी पर सीनियर अधिकारियों को गलत जानकारी देने का आरोप है। वहीं चौकी प्रभारी पर कैब को छोड़ने के एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।