दुर्ग | सौरभ कुमार | 05 जुलाई 2021 रात्रि 12/30 बजे मामले के प्रार्थी बृजेश राय उर्फ पिंकी राय पर 03 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा थाना नेवई क्षेत्र के टंकी मरोदा बस्ती में फायरिंग की घटना पर से थाना नेवई में अपराध क्रं. 212/21 धारा 307 भादवि 25, 27 आर्म्स एक्ट कायम किया गया। पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल तत्काल घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेन्ज विवेकानंद सिन्हा को घटना से अवगत कराते हुये अग्रिम कार्यवाही हेतु आवश्यक दिशा निर्देश प्राप्त किया गया।
घटना स्थल पर पुलिस अधीक्षक महोदय ने उपस्थित आला पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। तत्काल शहर में नाकाबंदी की कार्यवाही का निर्देश उनके द्वारा दिया जाकर उनके द्वारा एक विशेष टीम सीएसपी भिलाई नगर के नेतृत्व में 04 निरीक्षक, 25 अधिकारी/कर्मचारी को शामिल कर किया गया। घटना में प्रयुक्त कार एवं आरोपियों के संबंध में पतासाजी हेतु शहर के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरा का फुटेज प्राप्त कर विश्लेषण किया गया।
इसके पश्चात घटना में प्रयुक्त लाल रंग की संदिग्ध मारूती 800 कार की तलाशी में टीम लगाया गया। जिसके तहत टोल नाके, आई टी एम एस कैमरे, शहर में 800 कार के मालिको की जानकारी। मैकेनिक की जानकारी, पार्टस विक्रेताओ की जानकारी इक्कठी की गई एवं जिले के तमाम निगरानी बदमाशो, सजायाबता अपराधियो की लिस्टींग कर उनको थाना बुलाकर कड़ाई से पुछताछ किया गया। शहर में अवैध देशी कटटा, पिस्टल के मामलो में पूर्व के आरोपियों एवं उनके सहयोगियों की जानकारी लिया गया। पुछताछ कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही भी उनके खिलाफ किया गया।
फलस्वरूप तीन अज्ञात आरोपियो की पहचान नेवई क्षेत्र के बदमाश मुकुल सोना उर्फ सोनू तथा उसके दो सहयोगी मुकेश सिंह उर्फ पंचर निवासी इलाहाबाद, नागेन्द्र कुमार निवासी नालंदा बिहार के रूप में हुई। पहचान उपरांत इनकी गिरफ्तारी के प्रयास हेतु इनके संबंधित ठिकानो पर तत्काल दबिश दी गई। घटना बाद से ही अपने ठिकानो से तीनो आरोपी फरार मिले। चूकि अज्ञात आरोपियो की पहचान हो चूकी थी अतः पुलिस ने इस प्राथमिक सफलता उपरांत गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिया। पुलिस अपनी कार्यवाही को आगे बढा ही रही थी कि पॉच दिन बाद 10 जुलाई को नेवई थाना क्षेत्र के रिसाली इलाके में रात्रि 09:30 बजे करीब पुनः तीन हवाई फायर कर पुलिस के लिए एक और चुनौती देकर फरार हो गये। आरोपियो द्वारा की गई फायरिंग के बाद दुर्ग पुलिस के द्वारा आरोपियो की गिरफ्तारी हेतु लगातार दबिश दी गई।
घटना के बाद आरोपियों के धरपकड पतासाजी हेतु उनके हर संभावित ठिकाने पर टिटलागढ उडिसा, धमतरी, कुरूद, केशकाल, कांकेर, नागपूर, रायपुर, नंदिनी अहिवारा सहित दुर्ग भिलाई शहर के करीबन 40 ठिकानों पर दबिश दी गई। इसी दौरान आरोपियों द्वारा सोशल मिडिया, फेसबुक, इंस्टाग्राम के माध्यम से क्षेत्र में अपना दबदबा कायम करने के लिए एवं प्रार्थी को जान से मारने की धमकी दी गई एवं इसके माध्यम से पुलिस के इन्वेस्टीगेशन को गुमराह करने का भी प्रयास किया गया जिसे सायबर सेल के द्वारा सोशल मिडिया क्रैक कर उनकी योजना को विफल कर दिया गया। सायबर सेल द्वारा लगातार तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा था एवं विश्लेषण के आधार पर लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही थी।
आरोपियों को आर्थिक मद्द तथा शरण देने वाले लोगों के खिलाफ दुर्ग पुलिस द्वारा एक अभियान चलाकर ऐसे तमाम आरोपियों को चिन्हाकिंत कर उनके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किया जिससे लोकल नेटर्वक टूट गया एवं कार्यवाही के डर से अन्य संभावित मद्दगार आरोपियों से दुरी बनाने लगे।
प्रकरण के आरोपी पुलिस की लगातार दबिश व घेराबंदी की कार्यवाही से एवं लोकल नेटवर्क टूटने से दुर्ग भिलाई क्षेत्र को स्वयं के लिए सुरक्षित ईलाका नहीं होने से राज्य से बाहर भागने की योजना बनाकर फरार हो गये। सायबर सेल के लगातार तकनीकि विश्लेषण व परंपरागत पुलिसिंग के समन्वय से इनपुट आने लगे थे इसी क्रम में पूर्व में आरोपी मुकुल सोना को नालांदा बिहार से पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा आरोपी नागेन्द्र के निवास स्थान पर घेराबंदी कर दबिश की कार्यवाही कर गिरफ्तार किया गया था मुख्य आरोपी मुकुल सोना के बयान मेमोरण्डम पर से घटना में प्रयुक्त दो नग मोबाईल, वाई-फाई राउटर, देशी कट्टा, राउण्ड, मारूति कार 800, मोटर सायकल पल्सर विधिवत जप्ती की गई थी।
प्रकरण के अन्य आरोपी मुकेश सिंह उर्फ पंचर एवं नागेन्द्र की पता तलाश की जा रही थी कि आरोपी मुकेश सिंह उर्फ पंचर के रायपुर में आने की सूचना मिलने पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत अग्रवाल के निर्देशन में पुलिस टीम गठित कर आरोपी को पकडने हेतु रायपुर रवाना किया गया जो कि पुलिस टीम द्वारा घेरा बंदी कर आरोपी मुकेश सिंह उर्फ पंचर को रायपुर से पकडकर हिरासत में लेकर दुर्ग लाया गया, जिसे गिरफ्तार कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है । प्रकरण का अन्य आरोपी नागेन्द्र है जिसकी पता साजी की जा रही है।
पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेन्ज, विवेकान्द सिन्हा के कुशल मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री प्रशांत अग्रवाल के नेतृत्व एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री संजय ध्रुव की अगुवाई में अति. पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री अनंत कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर श्री राकेश जोशी, के मार्गदर्शन में विशेष टीम के निरीक्षक संतोष मिश्रा, उप निरी0 धनीराम नारंगे, सउनि पूर्ण बहादुर, आरक्षक पंकज कुमार, जुगनु सिंह, शहबाज खान, संतोष कुमार, उपेन्द्र यादव , मो0 समीम, अजीत यादव एवं पन्ने लाल की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।