सरबजीत सिंह मोखा गुजरात और मध्यप्रदेश में भी नकली इंजेक्शन मामले का आरोपी
अहमदाबाद | नेहा शाह | गुजरात पुलिस नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में चालान पेश कर चुकी है। वहां के प्रकरण में भी सरबजीत सिंह मोखा सहित कुल 47 आरोपी बनाए गए हैं। गुजरात पुलिस ने जबलपुर के सरबजीत माेखा, सिटी अस्पताल के दवा कर्मी देवेश चौरसिया, भगवती फार्मा के सपन जैन और रीवा के सुनील मिश्रा को भी आरोपी बनाया है।
मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों को नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचे जाने के मामले में जबलपुर एसआईटी की जांच पूरी हो गई है। इस हाईप्रोफाइल मामले में सिटी अस्पताल के डायरेक्टर सहित कुल 11 आरोपी बने हैं। एसआईटी ने इस प्रकरण में लगभग 100 लोगों को गवाह बनाया है। एसआईटी इस हाईप्रोफाइल प्रकरण में सात अगस्त तक चालान पेश करने की तैयारी में हैं।
जघन्य वारदात में चिन्हित हुआ है ये मामला
गुजरात पुलिस के बाद मध्यप्रदेश में जबलपुर की एसआईटी भी चालान पेश करने की तैयारी में है। जबलपुर पुलिस ने इस प्रकरण को जघन्य मामले में चिन्हित कर रखा है। इस कारण चालान पेश करने से पहले जिला अभियोजन अधिकारी भी इस पर नजर डाल रहे हैं। एसआईटी प्रभारी एएसपी रोहित काशवानी सहित पूरी टीम हर बारीकियों पर नजर रखे हुए हैं। जिससे चालान में कहीं कोई त्रुटि न रह जाए।
नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन मामले में इन लोगों को आरोपी बनाया
एसआईटी जबलपुर ने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन का रैपर बनाने वाले महाराष्ट्र सीमा से सटे दक्षिणी गुजरात के वापी जिले का रहने वाले नागूजी उर्फ नागेश सहित सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत मोखा, उसकी पत्नी जसमीत कौर, मैनेजर सोनिया खत्री, दवाकर्मी देवेश चौरसिया, बेटा हरकण सिंह मोखा, भगवर्ती फार्मा का संचालक जबलपुर निवासी सपन जैन, उसका मित्र इंदौर में एमआर राकेश मिश्रा, फार्मा फैक्ट्री से इंजेक्शन खरीदी के सौदे में बिचौलिया रीवा निवासी सुनील मिश्रा और फार्मा कंपनी के डायरेक्टर पुनीत शाह और कौशल वोरा को आरोपी बनाया है।