कानपूर | आकांशा त्रिपाठी | उत्तर प्रदेश के कानपूर में घाटमपुर थाना क्षेत्र के जहानाबाद रोड पर शुभ रिज़ॉर्ट के सामने चाय का स्टॉल लगाने वाले दुकानदार की बुधवार सुबह किसी ने हत्या कर दी। वह मोदी चाय के नाम से टी-स्टाल चलाता था। बुधवार सुबह शव स्टाल के पीछे पड़ा मिला। शव के चेहरे और सिर पर कई चोट के निशान मिले है। सूचना पर पहुंची पुलिस जांच कर रही है ।
मोदी चाय स्टाल के नाम से थी दुकान
गोपालपुर गांव निवासी 65 साल के बलराम सचान की शुभ रिज़ॉर्ट के सामने चाय की दुकान है।बेटे जसवंत ने बताया कि बलराम रात को चाय कि दुकान पर ही सोते थे। मंगलवार को दुकान के पास बने शुभ रिज़ॉर्ट में अखंड रामायण का समापन हुआ था। वहां रात 11 बजे तक निमंत्रण चलता रहा, इसी में बलराम भी मौजूद थे। इसके बाद वह घर चले गए और अपना सोने का सामान लेकर वापस दुकान के बहार सोने चले गए। बुधवार सुबह करीब 8 से 9 के बीच जब शैलेंद्र सचान चाय कि दुकान पहुचे तो उन्होंने दुकान के पीछे बलराम का शव पड़ा देखा।शव बिस्तर से कुछ दूरी पर खेतों में पड़ा मिला। इसके बाद उन्होंने परिवार वालों को इसकी सूचना दी। शव पर चोटों के इतने निशान थे कि ऐसा मालूम चल रहा था कि किसी ने उनसे खुन्नस निकली है। बलराम का चेहरा ईंटों से कुचल दिया गया था। जसवंत ने अभी किसी पर हत्या का आरोप नहीं लगाया है । बलराम की हत्या के बाद से पत्नी कमलेश का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कई बड़े नेताओं के करीबी थे
गांव वालों का कहना है जब 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शपथ ली थी तभी बलराम ने अपनी चाय की दुकान का नाम मोदी चाय रखा था। इस वजह से उस सड़क से गुजरने वाले हर बड़े और छोटे नेता उनकी दूकान पर रुक कर चाय जरूर पीते थे। इसी के चलते भाजपा के कई दिग्गज नेताओं के साथ उनका अच्छा व्यवहार भी बन गया था।
पुरानी रंजिश के चलते हुई हत्या
घाटमपुर थाना प्रभारी धनेश सिंह ने बताया, जिस तरह से उनका चेहरा कुचला गया है और शुरुआती जांच से यह पता चलता है कि किसी ने पुरानी रंजिश के चलते बलराम की हत्या की है।