भोपाल | न्यूज़ डेस्क | मध्यप्रदेश के सिंगरौली में कक्षा 10 में पढ़ने वाले 15 वर्ष के छात्र ने ऐसा कांड किया है जिसकी कल्पना पुलिस ने भी नहीं की थी। सिंगरौली में बैठे-बैठे इस लड़के ने अपनी लोकेशन UAE बताई और भारत में प्रतिबंधित किए गए मोबाइल ऐप को डाउनलोड करके कई लोगों के मोबाइल फोन हैक कर लिए। इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू किया। सब कुछ इस तरीके से किया गया था कि उसे पकड़ना लगभग नामुमकिन था लेकिन कहते हैं ना कि हर अपराधी कोई ना कोई गलती जरूर करता है।
टैलेंट के कारण अपराधी बन गया
लॉकडाउन में स्कूली विद्यार्थियों ने ज्यादातर इंडोर गेम्स खेले हैं। कुछ विद्यार्थियों ने मोबाइल पर भी गेम खेले लेकिन सिंगरौली का यह लड़का अपने अद्वितीय टैलेंट के कारण अपराधी बन गया। यदि इसी टैलेंट का उपयोग सक्सेस के लिए करता तो शायद आने वाले साल में सिंगरौली की शान कहलाता।
स्पोर्ट्स के बजाय ब्लैकमेलिंग का खेल खेल रहा था
उसने मोबाइल पर गेम्स नहीं खेलें बल्कि ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू कर दिया। सिंगरौली के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बिल्कुल एक शातिर अपराधी की तरह 10th क्लास के स्टूडेंट ने सिंगरौली में बैठे बैठे अपनी लोकेशन UAE कर ली और भारत में प्रतिबंधित मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करने में सफल हो गया।
फिर उसने लड़की बनकर व्हाट्सएप पर लोगों से चैटिंग करना शुरू किया और उनके मोबाइल हैक कर लिए। निजी डेटा हाथ में आ जाने के बाद लोगों को ब्लैकमेल करने लगा। समाचार लिखे जाने तक 6 से अधिक लोगों को ब्लैकमेल करने की जानकारी मिल चुकी थी।
दसवीं पास ब्लैकमेलर कैसे पकड़ा गया
इंस्पेक्टर मनीष त्रिपाठी ने बताया कि 21 वर्ष के एक युवक ने आकर शिकायत की कि उसे एक लड़की ब्लैकमेल कर रही है। उसका वीडियो वायरल करने की धमकी दे रही है। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि पड़ोस में एक लड़के को अच्छी टेक्निकल नॉलेज है। अब तक उसी ने लड़की को वीडियो वायरल करने से रोक कर रखा था।
नया नाम आते ही पुलिस ने इन्वेस्टिगेशन में इस लड़के को भी और राउंड अप कर लिया और फिर जब वर्दी अपने हिसाब से सवाल करती है तो वह जानकारी भी मिल जाती है जिसकी उम्मीद नहीं होती। इस केस में ऐसा ही हुआ है। लड़के की टेक्नोलॉजी पर पुलिस का कॉमन सेंस भारी साबित हुआ।