खदान में पुनः कार्य पर रखने और स्थानीय आदिवासी श्रमिकों को रोजगार देने की रखी मांग
मोहला।केजन साहू । पल्लेमाड़ी क्षेत्र के आदिवासी खदान श्रमिकों ने रोजगार की मांग को लेकर जिला कलेक्टर तनुजा सलाम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा गया। आदिवासी खदान श्रमिक कल्याण सहकारी समिति मर्यादित पल्लेमाड़ी, खड़गांव के प्रतिनिधिमंडल ने खदान में श्रमिकों को पुनः कार्य पर रखने तथा क्षेत्र के स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग रखी। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य खगेश ठाकुर के नेतृत्व में ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल ने श्रमिकों की समस्याओं और न्यायालय के आदेश से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर कलेक्टर से चर्चा की।
न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए रोजगार की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा रिट याचिका क्रमांक 621/2021 में दिनांक 04 अगस्त 2026 को पारित आदेश का हवाला दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने न्यायालय के आदेश के परिपालन में पल्लेमाड़ी एवं आसपास के क्षेत्र की खदानों तथा उद्योगों में समिति से जुड़े श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग रखी।
श्रमिकों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर कुछ मजदूर रखा गया है लेकिन जब खदान की पहली बार शुरुवात हुई थी तब स्थानीय स्तर में मजूदरों को रखा गया था जिसके कुछ समय बाद खदान का संचालन बंद हो गया फिर जब बाद में खदान शुरू हुआ तो पूर्व में रखे मजदूरों को पूनः नही रखा गया जिसके कारण क्षेत्र के ग्रामीणों के सामने आर्थिक चुनौतियां बनते आ रही है। ऐसे में खदान में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा क्षेत्र से होने वाले पलायन को भी रोकने में मदद मिलेगी।
*आदिवासी श्रमिकों के आर्थिक-सामाजिक उत्थान का उद्देश्य*
आदिवासी खदान श्रमिक कल्याण सहकारी समिति मर्यादित पल्लेमाड़ी, खड़गांव एक पंजीकृत सहकारी समिति है जिसके अध्यक्ष सराधूराम कोरेटी हैं। समिति का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्र खड़गाव ,मानपुर क्षेत्र के आदिवासी श्रमिकों के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक उत्थान के साथ-साथ उनके लिए रोजगार के अवसर सृजित करना बताया गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि क्षेत्रवासियों को पुनः रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लंबे समय से विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए जमीनी स्तर पर मांग उठाने से लेकर न्यायिक प्रक्रिया तक संघर्ष किया गया। बिलासपुर हाई कोर्ट से श्रमिकों के पक्ष में आदेश आने के बाद अब प्रशासन के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कर आदेश के परिपालन एवं स्थानीय श्रमिकों को रोजगार दिलाने की मांग की गई है।
प्रशासन से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद
ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि स्थानीय क्षेत्र में खदान एवं उद्योगों से जुड़े रोजगार के अवसरों में क्षेत्र के प्रभावित और स्थानीय आदिवासी श्रमिकों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका का सहारा मिलेगा और क्षेत्र के विकास में भी श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
इस पूरे मामले को लेकर अब श्रमिकों की नजर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि न्यायालय के आदेश और स्थानीय श्रमिकों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन उनके रोजगार से जुड़े मामले में उचित पहल करेगा।
नियमानुसार होगी प्रशासनिक कार्रवाई
जिला कलेक्टर तनुजा सलाम ने बताया कि आदिवासी खदान श्रमिक कल्याण सहकारी समिति मर्यादित पल्लेमाड़ी, खड़गांव के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा हुई है । ग्रामीणों द्वारा अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया है। कलेक्टर ने कहा कि मामले में नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर के इस आश्वासन के बाद श्रमिकों और ग्रामीण प्रतिनिधियों को उम्मीद है कि उनके रोजगार से जुड़े मुद्दे पर जल्द ही सकारात्मक पहल होगी और न्यायालय के आदेश के अनुरूप स्थानीय आदिवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।