नागपुर । डॉ विवेक बांबल। शादियों के सीजन के बीच अचानक उत्पन्न हुई गैस की के संकट में शहर व जिले के विवाह समारोह फंस गए है । पंचांग में गिने-चुने मुहूर्त होने के चलते चिंतित वर-वधू के माता-पिता अब कुछ भी करो, लेकिन शादी समय पर निपटाओ की जिद पर अड़े हुए हैं । गैस के अभाव में विवाह की योजनाएं बदलना मुश्किल हो गया है व कई परिवारों को सीधे 2027 तक इंतजार का डर सता रहा है । इस साल के शादी सीजन में मार्च से जुलाई के 5 महीनों में सिर्फ 30 प्रमुख विवाह मुहूर्त हैं । विशेष बात यह है कि नवंबर व दिसंबर में शादी का एक भी मुहूर्त नहीं है । यदि गैस की कमी के चलते मार्च से जुलाई के बीच के मुहूर्त चूक गए, तो वर-वधू को सीधे 21 जनवरी 2027 का इंतजार करना पड़ेगा । ग्राहकों का गुस्सा और शादी की अनिवार्यता को देखते हुए मैरिज हॉल प्रबंधक अब वैकल्पिक रास्ते तलाश रहे हैं । बुकिंग रद्द किए बिना डीजल चूल्हों व लकड़ी की चूल्हों का सहारा लेने की तैयारियां जारी हैं ।
गैस सिलेंडर के लिए लग रहीं लंबी भीड़ जहां मैरिज हॉल संचालकों व कैटरर्स पर परिवारों का दबाव बढ़ता जा रहा है । माता-पिता कह रहे हैं' हमने अग्रिम राशि दी है । गैस नहीं है तो डीजल चूल्हा इस्तेमाल करो या लकड़ी की चूल्हा जलाओ, पर हमारी शादी व भोजन समय पर पूरा करो' ।
व्यवसाथियों को अब किसी भी तरह सिलेंडर जुटाने की कवायद करनी पड़ रही है । युद्ध शुरू होने के बाद खाड़ी देशों में से देशभर में गैस सिलेंडर की किल्लत बनी हुई है, सिलेंडर के लिए कई ग्राहक एजेंसियों के सामने लंबी कतारे लगा रहे है । गैस वितरण कंपनियों के व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति रोकने से खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोग सबसे अधिक परेशान है ।
2026 में विवाह मुहूर्त की तिथियां
मार्च 16 मार्च के बाद गुरु अस्त होने से कोई मुहुर्त नहीं
- अप्रैल : 21, 26, 28, 29, 30
- मई 1, 3, 6, 7, 8, 9, 10, 13, 14
- जून 19, 20, 22, 23, 24, 27
- जुलाई 1.2.3.4.7.8.9, 11

नवंबर व दिसंबर कोई विवाह तिथि नहीं
शादी का मुहूर्त चुका, तो पूरा साल बर्बाद हो जाता है । हालात बिगड़े नहीं, इसलिए हम डीजल चूल्हे और लकड़ी के विकल्पों की ओर रुख कर रहे है । इस साल मार्च में मुहूर्त न होने से इस महीने गैस की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ी । कैटर्स के संगठन ने सरकार को ज्ञापन सौंपा । और कहा कि इसे उपलब्ध कराया जाना चाहिए, प्रशासन का मत है कि,आने वाले दिनों में सिलेंडर की स्थिति सुधरने की उम्मीद है ।