रायपुर | मिनल केडेकर | महादेव सट्टेबाजी ऐप केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा एक्शन लेते हुए छत्तीसगढ़ में 21.45 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है | अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ एजेंसी ने ये सख्त कार्रवाई की ईडी की जांच में पता चला कि महादेव सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म प्रमोटरों, पैनल संचालकों और एजेंटों के सुनियोजित नेटवर्क के जरिए संचालित हो रहा था | यह ऐप ऑनलाइ प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध सट्टेबाजी को बढ़ावा देता था | काली कमाई को फर्जी खातों, बेनामी खातों और कई स्तरों के वित्तीय लेनदेन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग किया जाता था |
जांचकर्ताओं ने बताया कि मुनाफे का बड़ा हिस्सा 70 से 75 प्रतिशत मुख्य प्रमोटरों को मिलता था, जबकि शेष हिस्सा एजेंटों और उप-एजेंटों में बाटा जाता है | ये लोग सट्टेबाजी के संचालन, अकाउंट्स के प्रबंधन और डिजिटल और सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने में शामिल रहे हैं | जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध रकम को ट्रांसफर करने और छिपाने के लिए कई बैंक खातों और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था |
ईडी ने कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया और हजारों करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन की जांच की अधिकारियों ने बताया कि महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में 2,600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है | इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है |