नागपुर । प्रा. विवेक बांबल । महानगर में इन दिनों बढ़ती आपराधिक गतिविधियाँ चिंता का विषय है। सीपी रविन्द्र सिंघल जहां अपराधों को रोकने में कामयाब हुए वहीं शहर के नये - नये इलाकों में युवावर्ग अपराधिक गतिविधियों में नये कारनामों से परेशान हैं।
अवैध धंधे, छेड़खानी और सेंधमारी के मामलों में इजाफा हो रहा है ।
नागपुर शहर में हाल के दिनों में सेंधमारी, छेड़खानी और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। खास तौर पर स्पा और मसाज सेंटरों की आड़ में अवैध गतिविधियाँ संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, शहर के कई इलाकों में खुले स्पा सेंटरों में कानूनी नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि कुछ स्पा सेंटर वेश्यावृत्ति जैसे गैरकानूनी धंधों का अड्डा बनते जा रहे हैं, जिससे आसपास के वातावरण पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
वहीं दूसरी ओर, छेड़खानी और महिलाओं को असहज करने की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। कई मामलों में देर रात तक संचालित स्पा सेंटरों को संदिग्ध गतिविधियों का केंद्र बताया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि इन सेंटरों में न तो कर्मचारियों का समुचित सत्यापन होता है और न ही तय समयसीमा का पालन।
शहर में सेंधमारी की घटनाएँ भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कुछ मामलों में अपराधियों की आवाजाही ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास अधिक देखी गई है, जिससे संदेह और गहराता है।
इस पूरे मामले पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि,सभी स्पा सेंटरों का लाइसेंस सत्यापन किया जाए ।
पुलिस द्वारा नियमित छापेमारी की जाए । नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो । पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें मिल रही शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है और कानून के दायरे में रहकर दोषियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
शहरवासियों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। नागपुर जैसे सांस्कृतिक और शैक्षणिक शहर की छवि को बनाए रखने के लिए प्रशासन, पुलिस और समाज—तीनों की साझा जिम्मेदारी बनती है।