सिवान । न्यूज डेस्क। भेष बदलकर भावना से खेलना कोई अब्दुल हकीम नाम के इस कथित साधु से सीख सकता है। ये कथित साधु अब सिवान पुलिस के कब्जे में है। सिवान में भेष बदलकर भिक्षाटन करने वाले अब्दुल हकीम अभी पुलिस की गिरफ्त में है। भिक्षाटन के नाम पर अब्दुल हकीम ने एक भोली भाली महिला को ठग लिया। इतना ही नहीं, उसे प्रसाद के नाम पर कुछ खिलाया। महिला बेहोश हो गई। जब होश आया। महिला के जेवर गायब थे।
सिवान में साधु गिरफ्तार
मामला सिवान के गुठनी थाना क्षेत्र के भरौली गांव की है। जहां साधु का भेष धारण कर दो ठग गांव में भिक्षाटन करने पहुंचे। वे एक- एक कर गांव में लोगों के दरवाजे पर जा रहे थे और धर्म के नाम पर सहयोग राशि मांग रहे थे। गांवों में अक्सर साधु फकीर भिक्षाटन के लिए आते है। गांव के लोग उन्हें रुपए देने के बदले अनाज देना पसंद हैं। भिक्षाटन करने वाले भी अनाज ले लेते हैं। लेकिन भरौली गांव में भिक्षाटन करने वाले दोनों कथित साधु अनाज लेने से इनकार कर रहे थे। वे किसी यज्ञ का नाम लेकर रुपए की मांग कर रहे थे। ऐसे में लोगों ने उन्हें रुपए ही दिए।
साधु के भेष में शैतान
साधु के भेष में घूमते हुए दोनों गांव के बाहर एक घर के दरवाजे पर जा पहुंचे। वहां सुनैना अपनी बेटी के साथ खाना बना रही थी। दोनों ने महिला को झांसे में लेकर कहा बेटी बहुत भूख लगी है। कुछ खिला दो। इसके बाद सुनैना ने उन्हें खाने को दिया। इसके बाद उन्होंने सुनैना को प्रसाद दिया। जिसे खाते ही वह बेहोश हो गई। उसके बाद महिला के सोने के झुमके और उसके जेवर के साथ पायल सहित 16 हजार रुपये लेकर चंपत हो गए।
अब्दुल हकीम बना साधु
सुनैना के साथ ठगी कर वहां से दोनों भागने लगे। इस बीच पड़ोस में रहने वाली महिलाओं को शक हुआ। मामले की जानकारी लगते ही गांव के लोगों ने दोनों नकली साधुओं को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस ने सुनैना के आवेदन पर दोनों साधुओं को गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से पूछताछ में दोनों की पहचान यूपी के मऊ जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव के निवासी हीरा हकीम का पुत्र अब्दुल हकीम और इसहाक का पुत्र छोटे लाल के रूप में हुई।