भिलाई | मिनल केडेकर | रसमड़ा की एक औद्योगिक इकाई में शरारत के चलते एक व्यक्ति मरणासन्न हो गया | दोस्तों ने कम्प्रेसर से अपने ही सहकर्मी के मलाशय में हवा भर दी | इससे उसका पेट फूल गया और सांस रुकने लगी | उसे तत्काल एक अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे तत्काल हाइटेक सुपरस्पेशालिटी हॉस्पिटल रिफर कर दिया गया | हाइटेक के विशेषज्ञों ने बड़ी मुश्किल से उसकी जान बचाई |
मामले में पुलिस ने एमएलसी दर्ज किया है | एमएलसी के अनुसार 43 वर्षीय इस औद्योगिक कर्मचारी के मलाशय में कम्प्रेसर से किसी ने हवा भर दी | इससे मरीज का मलाशय फट गया और पेरीटोनियम में अत्यधिक दबाव के साथ हवा भर गई | पेरीटोनियम वह झिल्ली है जो पेट और श्रोणी के अंदर की परत को ढंकती है | इसमें दबाव बढ़ने के कारण मरीज का डायफ्राम ऊपर की तरफ तन गया औऱ हृदय तथा फेफड़ों पर दबाव डालने लगा |
हाइटेक के लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ नवील शर्मा ने बताया कि सबसे पहले मरीज के पेट से कम्प्रेस्ड हवा को निकालने जरूरी था | हवा निकालते ही मरीज की तकलीफें कम हो गईं और वह सांस लेने लगा | इसके बाद लैप्रोस्कोप से ही उसके गुदा द्वार और मलाशय की मरम्मत कर दी गई | मरीज को एक सप्ताह बाद छुट्टी दे दी गई |
डॉ शर्मा ने बताया कि फिलहाल मल त्याग के लिए एक अलग जगह बना दी गई है | तीन माह बाद इसे बंद कर दिया जाएगा | इसके बाद मरीज अपने स्वाभाविक जीवन में लौट जाएगा | उन्होंने बताया कि यह एक विलक्षण केस था जिसमें पूरी ट्रॉमा टीम ने मिलकर काम किया |