रीवा। समशेर सिंह गहरवार | संभाग के तहत आने वाले मऊगंज जिले के नईगढ़ी ब्लॉक में संचालित कृषि कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों द्वारा रातों-रात किसानों का हक डकारते हुए खाद बीज की खेप को बाजार में बेंचने की तैयारी में थे। सूत्रों की माने तो नईगढ़ी स्थित कृषि कार्यालय में 10:00 बजे रात को महिंद्रा ट्रैक्टर में 128 बोरी चना, 18 बोरी मसूर वह दो बोरी मटर का बीज लादकर जैसे ही बाजार की ओर रवाना होने ही वाले थे। स्थानीय कृषको को जानकारी होने पर उन्होंने घेराबंदी करते हुए मौके पर पकड़ लिया। किसानों के जागरूकता के कारण चना मसूर मटर की बोरी से लगा हुआ ट्रैक्टर को पकड़ते हुए हल्ला बोला। तभी स्टोर की पर कार्यालय में तालाबंदी करते हुए दबे पांव अंधेरे का फायदा उठाकर भाग खड़ा हुआ।
किसानों के वितरण के लिए आए बीज से लदे ट्रैक्टर को शिकायतकर्ताओं ने अपने कब्जे में रहते हुए पुलिस थाने में खड़ा कराया और सूचना किसानों द्वारा विभाग के वरिष्ठ एसडीओ को दी गई, जिसे उनके द्वारा यह कृत्य को अवैध ठहराते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। उल्लेखनीय है कि शासन स्तर पर किसी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों के लिए निशुल्क एवं सब्सिडी में बीज वितरण हेतु खरीफ रवि सीजन में हमेशा की तरह इस साल भी आया। लेकिन कुछ स्वार्थी खुराफाती कृषि अधिकारियों द्वारा चुपके से इसी तरह बीज वितरण कर लिया जाता रहा जाता रहा। इस तरह की समस्या मऊगंज जिले के तहत नई गढ़ी ब्लॉक भर की नहीं बल्कि जिले भर की है। वही रीवा जिला भी ऐसे कृत्यों से अछूता नहीं है। लगातार इसी तर्ज पर अधिकारियों द्वारा किसानों के वितरण के लिए आए बीजों का अर्से से बाजार में बेचा जा रहा है और किसानों को बता दिया जाता है कि शासन से ना तो सब्सिडी में बीज आ रहा है और ना ही निशुल्क।
लिहाजा परेशान किसानो को बोनी के लिए थक हार कर ऊंची कीमतों में बाजार से खरीदना पड़ रहा है। अगर ऐसा ही चला रहा तो किसने की आय कैसे दोगुनी हो पाएगी यह एक निरुत्तरित प्रश्न बनकर सामने खड़ा है? नई गढ़ी मामले में शिकायत कर्ताओं में अखिलेश पटेल, शैलेन्द्र पटेल , लक्ष्मण पटेल, चंद्रप्रकाश मिश्रा, अंकित मिश्रा, विकाश पटेल, उमेश पटेल, उमाशंकर पटेल सहित अन्य किसान साथी मौके पर मौजूद रहे। जिसका शिकायत करताओ के पास वीडियो भी मौजूद है