चमोली । न्यूज डेस्क। गोपेश्वर में रहने वाली विवेकानंद कॉलोनी, तल्ला नैग्वाड निवासी चंपा गैरोला अपनी बेटी से मिलने देहरादून गई हुई थीं । जब वह वापस अपने घर लौटीं, तो उन्होंने देखा कि घर का दरवाजा टूटा हुआ था । सास के कमरे में बने स्टोर के लॉकर का ताला भी टूटा था और उसमें रखे कीमती आभूषण गायब थे । उनके अपने गहने भी चोरी हो चुके थे, जिनकी अनुमानित कीमत 35-40 लाख रुपये के आसपास बताई गई । इस घटना की सूचना उन्होंने तुरंत पुलिस को दी और उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया ।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर नाबालिगों को पकड़ा
पुलिस अधीक्षक चमोली सर्वेश पंवार ने इस मामले को जल्द सुलझाने और चोरों की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए । इसके बाद पुलिस टीमों का गठन किया गया । मामले की तह तक पहुंचने के लिए संजय गर्ब्याल, पुलिस उपाधीक्षक चमोली ने सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की और टेक्निकल टीम की मदद भी ली गई । सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने घटना में संलिप्त दो नाबालिगों को पकड़ा ।
बेटे ने की लाखों की चोरी
पूछताछ में पता चला कि पीड़िता का नाबालिग बेटा ही इस चोरी का मास्टरमाइंड था । पुलिस उसे देहरादून से संरक्षण में लेते हुए जनपद चमोली लाई । उसने बताया कि उसे लंबे समय से ऑनलाइन गेमिंग, ट्रेडिंग और महंगी चीजें खरीदने का शौक था, जिसके लिए उसने कई लोगों से उधार ले रखे थे । इस चोरी में शामिल एक अन्य नाबालिग से भी उसने पचास हजार रुपये उधार लिए थे । इस आर्थिक दबाव से बाहर निकलने के लिए उसने अपने ही घर में चोरी की योजना बनाई । उसने अपने दो दोस्तों को भी इस लालच में शामिल कर लिया कि उसके घर में उसकी मां और दादी के लाखों के गहने हैं, जिन्हें बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं । जब उसकी मां देहरादून चली गईं, तो उसने मौके का फायदा उठाकर अपने दोस्तों को घर बुला लिया और इस चोरी को अंजाम दिया ।