रीवा। समशेर सिंह गहरवार। रीवा के गुढ़ थाने के भैरव बाबा क्षेत्र में पति-पत्नी घूमने आए थे। पहले से मौजूद आरोपियों ने पति पेड़ से बांध कर पत्नी से सामूहिक दुष्कर्म कर डाला । एक के बाद एक 7 नशेड़ी पहाड़ी के एकांत एरिया में आराेपी महिला पर टूट पड़े। इस संबंध में पुलिस से मिली जानकारी अनुसार युवा दंपती पिकनिक मनाने के लिए गत सोमवार की दोपहर भैरव बाबा क्षेत्र गये थे । यहां उन्हें देखते ही आरोपियों ने पहले पति के साथ मारपीट की। फिर महिला से ज्यादती , पता चला है कि सभी आरोपी नशे की पार्टी कर रहे थे। हालांकि रीवा पुलिस ने दावा किया है कि अब तक 5 संदिग्धों काे पकड़ा लिया गया है।
बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। सोशल मीडिया में चल रही खबरों पर भरोसा करें तो आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म का वीडियो भी बनाया। दंपती को धमकाते हुए कहा अगर केस दर्ज कराया तो इसे वायरल कर देंगे। जिससे डर कर मानसिक रूप से परेशान व पीड़ित दंपती द्वारा गत मंगलवार को गुढ़ थाने में जाकर मामला दर्ज कराया ।
पीड़ित दंपती की हाल ही में हुई थी शादी
सूत्रों की माने तो नवदंपती कॉलेज में पढ़ते हैं। हाल ही में उनकी शादी हुई थी। डीएसपी हेड क्वार्टर हिमाली पाठक ने बताया कि महिला के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई है। पीड़िता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की पड़ताल की जा रही है। वहीं रीवा के पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह का कहना है कि घटना गत 21 अक्टूबर की दोपहर में हुई है। पीड़िता 22 अक्टूबर की दोपहर थाने पहुंची। पुलिस ने तत्काल केस दर्ज कर लिया। इनमें दो प्राइम सस्पेक्ट लग रहे हैं। आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।
नव विवाहिता के साथ शर्मनाक घटना निंदनीय है
वरिष्ठ समाजसेवी एवं एडवोकेट कविता पांडे ने दुष्कर्म की घोर निंदा एवं खेद वक्त करते हुए कहा कि नव विवाहित दंपति को पेड़ में बांध कर की गई दुष्कृत्य की घटना निंदनीय है। ज्ञातव्य है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव डिप्टी सीएम सहित सब सोमवार को रीवा में ही थे। भाजपा की सरकार नमें घटना हृदय विदारक है । 56 भोग चखने में मशग़ुल सरकार को ,बेटी की चीत्कार सुनाई नहीं दी! क्या मप्र सरकार इसी तरह रीवा को पर्यटन हब बनाने का सपना देख रही है?
पांडेय ने कहा कि
पर्यटन के रूप में स्थित भैरव बाबा क्षेत्र लोगों के आस्था का केंद्र है । सुरक्षा के इंतजाम न होने से पर्यटन स्थलों में हमेशा पर्यटकों के साथ छेड़छाड़ एवं बदसलूकी की घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे सार्वजनिक जगहों पर पुलिस चौकियां होनी चाहिए ताकि सुरक्षा के साए में लोग पर्यटन का आनंद ले सके। वहीं सुरक्षा व्यवस्था होने के कारण ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो। और समाज सहित प्रशासनिक अधिकारियों को भी शर्मसार ना होना पड़े।