नागपुर। अब्दुल अमानी कुरैशी। लापता हुई भाजपा नेता सना उर्फ हीना खान का मामला अब सीमा विवाद में उलझता हुआ दिखाई दे रहा है. न तो शहर पुलिस केस में फूर्ती दिखा रही है और न जबलपुर पुलिस एक्शन मोड में है। मामला हाथ में लेने को लेकर दोनों ही तरफ से ढुलमुल रवैया दिख रहा है। इसी बीच एक मैरिज सर्टिफिकेट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस प्रमाणपत्र के अनुसार सना और संदिग्ध आरोपी अमित उर्फ पप्पू रज्जन साहू ने 24 अप्रैल 2023 को जबलपुर में विवाह किया था। सना । अगस्त को नागपुर से जबलपुर के लिए रवाना हुई थी. बस में बैठाने के लिए तब सना का भाई साथ गया था। 2 अगस्त को सना ने मां से बात कर जबलपुर पहुंचने की जानकारी दी थी। परिजन जानते थे कि वह पप्पू से मिलने गई थी।
शहर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 3 अगस्त को सना की मां ने गुमशुदगी की शिकायत की थी। सना खुद जबलपुर गई और वहां से लापता हुई। वहीं जबलपुर पुलिस का कहना है कि सना नागपुर से निकली थी। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी नागपुर के ही मानकापुर थाने में दर्जहै।ऐसे में दोनों ही तरफ से प्रकरण को पुलिस द्वारा गंभीरता से नहीं लिया जाना आश्चर्य की बात है। पप्पू जबलपुर के एक हेवीवेट नेता और उसके भाई का करीबी बताया जा रहा है। जबलपुर पुलिस ने इस मामले की उ जांच के दौरान पप्पू के ढाबे पर काम करने वाले कर्मचारी जितेंद्र गौड़ को हिरासत में लिया था। उसने जानकारी दी थी कि पप्पू की कार धोते समय उसे खून के धब्बे दिखाई दिए थे। एक थैली में रखे खून से सने कपड़े भी उसने नाले में फेंके थे। इससे साफ है क कि पप्पू ने सना को नुकसान पहुंचाया है और जब तक वह पुलिस के हाथ आ नहीं जाता तब तक इस मामले से पर्दा नहीं उठेगा। इस मामले में आगे की जांच फिलहाल जबलपुर पुलिस कर रही है।
लापता भाजपा नेता सना खान का मामला बना पहेली
बताया जा रहा है कि,सना खान के मामले को मध्यप्रदेश -महाराष्टृ पुलीस एक-दूसरे के पाले में ढकेलने की कोशिश कर रही है।
जानकारी मिली है कि पप्पू और सना के बीच प्रेम संबंध थे। दोनों ने जबलपुर में अतिरिक्त डिविजनल मजिस्ट्रेट के समक्ष विवाह किया था। इस मैरिज सर्टिफिकेट पर बतौर साक्षीदार जिन लोगों के नाम है वो सना को जानते तो हैं, लेकिन बताया जाता हैं कि हस्ताक्षर उनके नहीं है। सना और पप्पू के बीच पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था. जिसके चलते यह मामला और भी पेचिदा होता जा रहा है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, इसके बावजूद एक भाजपा नेता की गुमशुदगी की गुत्थी अब तक सुलझ नहीं पायी।