महज 3500 रुपए का लोन अदा न करने पर एक पिता को उसकी बेटी की आपत्तिजनक तस्वीरें भेज दी गईं। यह करतूत चाइनीज एप के जरिए लोन देने वाली एक कंपनी की है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने अब तक कुल 18 गिरफ्तारियां की हैं।
नई दिल्ली । जसविंदर सिंह । ‘यदि 3500 रुपए नहीं दिया तो तुम्हारी बेटी की आपत्तिजनक तस्वीरों को सोशल मीडिया में वायरल कर दिया जाएगा।’ यह धमकी एक चीनी एप आधारित लोन कंपनी की महिला एजेंट ने एक युवती के पिता को दी थी। महिला एजेंट यहीं पर नहीं रुकी, उसने उनकी बेटी की एडिट की गई कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें भी उनके वाट्सएप नंबर पर भेज दी। इतना ही नहीं, आपत्तिजनक तस्वीरों के साथ जो मैसेज भेजा गया था, उसे पढ़कर पिता की रूह कांप गई।
डीसीपी सागर सिंह कलसी ने V CAN न्यूज को बताया कि मजनूं का टीला इलाके में रहने वाले शख्स ने साइबर क्राइम पोर्टल के जरिए अपनी शिकायत दी थी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया था कि 25 फरवरी को एक महिला का उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाली महिला ने उसे धमकाते हुए कहा कि उसकी बेटी ने 3500 रुपए का लोन लिया है। यदि दिए गए लिंक पर रुपए जमा नहीं कराए गए तो उसकी बेटी के आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया में वायरल कर दिए जाएंगे।
पिता को भेजी बेटी की अश्लील तस्वीरें
उस महिला ने उनके वाट्सएप नंबर पर उनकी बेटी के एडिट किए कुछ आपत्तिजनक फोटो भेज दिए. इन फोटो के साथ एक आपत्तिजनक मैसेज भी भेजा गया, जिसमें ‘*** एक रात के लिए सिर्फ 3000’ लिखा गया था। इस मैसेज में उनकी बेटी का मोबाइल नंबर भी लिखा हुआ था। डीसीपी कलसी ने बताया कि शिकायकर्ता की शिकायत के आधार पर उत्तरी जिला पुलिस के साइबर थाने में मामला दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी गई।
उन्होंने बताया कि मामले की संवेदनशीलता और लोन फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए एडिशनल डीसीपी रश्मि शर्मा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया. पुलिस टीम ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और मनी ट्रेल के जरिए लोन फ्रॉड से जुड़े आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जांच के दौरान, कॉल डीटेल से मिले संदिग्ध नंबरों की लोकेश संगम विहार मिली। 5 अप्रैल को पुलिस टीम ने संगम विहार स्थिति लोकेशन पर छापेमारी कर एक युवती को गिरफ्तार कर लिया।
चाइनीज लोन फ्रॉड कॉल सेंटर का हुआ भंडाफोड़
डीसीपी के अनुसार, संगम विहार से गिरफ्तार की गई युवती की पहचान रेणु के रूप में हुई। उसने पुलिस को बताया कि वह ईस्ट कैलाश स्थिति एक कॉल सेंटर में काम करती है। उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस टीम ने ईस्ट कैलाश की लोकेशन पर छापेमारी की। छापेमारी की जगह पर एक कॉल सेंटर चल रहा है। छापेमारी के दौरान, पुलिस को मौके पर करीब 50 लोग काम करते मिले।
पुलिस के अनुसार, इन 50 लोगों में 33 लोग प्रमुख वित्त कंपनियों के लिए काम करते पाए गए, जबकि 17 लोग इन कंपनियों की आड़ में चाइनीज लोन फ्रॉड ऐप्स के लिए काम करते हुए पाए गए। चाइनीज लोन फ्रॉड एप में काम करते पाए गए सभी 17 आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ शुरू की। पूछताछ के बाद, पुलिस ने टीम लीडर अमित को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस मामले का मुख्य आरोपी मोहसिर पुलिस की गिरफ्त से बचने में सफल रहा ।