कानपुर में एक शख्स ने अपने परिचितों के करीब 150 बैंक खाते खुलवाए। उनमें करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया। बैंक ने खाताधारकों से संपर्क कर छानबीन की तब मामले का खुलासा हुआ
कानपुर। न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के कानपुर में हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां बैंक खाता खुलवा कर ट्रांजैक्शन कराने के मामले में काकादेव पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ गुरुवार को मुकदमा दर्ज कर लिया है। दरअसल,एक युवक ने अपने कुछ स्टूडेंट मित्रों को पैसा कमाने का लालच देकर उनके अकाउंट बैंकों में खुलवा दिए। उनके एटीएम कार्ड खुद रख लिए। इन खातों में साइबर ठगी की रकम आती थी और आरोपी युवक उसे निकालकर लेता था। वहीं, इस मामले में पुलिस ने आरोपी की तलाश में टीमें गठित कर दी हैं। शुरुआती जांच में जो सबूत सामने आए हैं, उससे आशंका है कि हर्ष ने बड़े पैमाने पर साइबर ठगी को अंजाम दिया है।
इस मामले में कानपुर पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड से लगभग 3 दिन पहले आधा दर्जन लोगों ने शिकायत की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि शास्त्री नगर के रहने वाले हर्ष कटिहार ने करीब 150 लोगों के बैंक खाते खुलवा कर एटीएम लेकर चला गया है। दरअसल, पिछले हफ्ते बैंक ने संपर्क किया किन खातों में करोड़ों रुपए का संदिग्ध लेनदेन किया गया है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर पुलिस ने जांच की। इसके बाद कटिहार पर धोखाधड़ी जालसाजी समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
पुलिस कमिश्नर बोले- केस की जांच-पड़ताल कर रही क्राइम ब्रांच
वहीं, कानपुर पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर क्राइम ब्रांच को लगाया गया है। ऐसे में आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा. जहां केस की जांच-पड़ताल क्राइम ब्रांच कर रही है। आरोपी हर्ष कटियार पर मुकदमा दर्ज होने के बाद शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं उनसे आशंका है कि हंस के बड़े पैमाने पर साइबर ठगों से संपर्क है ।
साथ ही साइबर ठगी को अंजाम देता रहा है। इसके अलावा साइबर ठगी की रकम खुलवाए गए इन्हीं खातों में मंगाई जाती थी, जिसके बाद वो एटीएम के जरिए उस रकम को निकाल लेता था।
इस दौरान पीड़ित बच्चों के परिजनों ने बताया कि उनके बच्चों का खाता हर्ष कटियार ने बैंकों में खुलवाया था, जिसमें कि उसने बताया था कि उसकी बैंक में नौकरी लग गई है और उस के माध्यम से अकाउंट खुलवाने पर स्कॉलरशिप मिला करेगी, जिसके बाद मोटी रकम खातों में आने के चलते बैंक अधिकारियों ने मामले में इन खातों को संदिग्ध मानते हुए सीज कर दिया।
शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी ने खातों अटैच कर रखे थे। साथ ही फर्जी मोबाइल नंबर एटीएम भी उसी के पास थे। उसने लोगों को अपने जाल में फंसाया और एटीएम रखता था। अपने पास खातों में ट्रांसफर की 1 एक खाते में खाते में 10 रुपए से ज्यादा की रकम जमा कर निकाली गई है। इसलिए बैंकों ने इन खातों को संदिग्ध माना और खाताधारकों से संपर्क किया।
परिजनों को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की शुरु
पुलिस ने हर्ष के संपर्क में रहे लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। हर्ष के सभी मोबाइल नंबर बंद आ रहे हैं। जांच में सामने आया है कि वह काफी समय से शहर से बाहर है। बहुत कम शहर आता था पुलिस ने उनके परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।