एक बार फिर उत्तर प्रदेश की पुलिस दागदार हुई है । आरोपी पुलिस की वर्दी में कारोबारी के घर गए थे। किसी मामले में कारोबारी की संलिप्तता बताई और पूछताछ के लिए उसे अपनी गाड़ी में बैठा लिया। परिजनों ने यह जानकारी जब गोविंदनगर थाने में दी थी हड़कंप मच गया ।
कानपुर न्यूज डेस्क । उत्तर प्रदेश के कानपुर में खुद पुलिस ही लोगों का अपहरण करा रही है और फिरौती भी वसूल कर रही है। लंबे समय से चल रहे इस खेल का अब खुलासा हो गया है। कानपुर साउथ जोन की स्पेशल टीम ने अपहृत परचून कारोबारी को बरामद कर इस खेल को उजागर किया है। इस वारदात में पता चला है कि यह कोई और नहीं, बल्कि कानपुर पुलिस का हेड कांस्टेबल अमित कुमार ऑपरेट कर रहा था। स्पेशल टीम ने इस हेड कांस्टेबल के सहयोगी सिपाही मुकेश व एक मुखबिर को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस इस वारदात के मास्टर माइंड सिपाही अमित समेत दो अन्य की तलाश कर रही है।
पुलिस के पास बीते अक्टूबर महीने से लेकर अब तक कई लोगों के एसटीएफ द्वारा अपहरण किए जाने और फिरौती लेकर छोड़ देने की शिकायतें आई थी। इसी क्रम में दो दिन पहले गोविंद नगर थाना क्षेत्र से एक परचून कारोबारी के अपहरण की सूचना आई। बताया गया कि आरोपियों ने अपहृत के एक परिचित मोनू बाक्सर को फोन कर बताया कि वह एसटीएफ क्राइम ब्रांच से हैं। आरोपियों ने कारोबारी को उठाने की बात कहते हुए कहा कि छोड़ने के लिए परिवार वालों से 30 हजार रुपये दिलाओ। कारोबारी के परिवार वालों ने इसकी सूचना दी तो सूचना पुलिस टीम सक्रिय हुई। इसकी भनक लगते ही आरोपी कारोबारी को रतनलाल नगर में छोड़कर फरार हो गए।
वर्दी में किया था अपहरण
जानकारी के मुताबिक आरोपी पुलिस की वर्दी में कारोबारी के घर गए थे। किसी मामले में कारोबारी की संलिप्तता बताई और पूछताछ के लिए उसे अपनी गाड़ी में बैठा लिया। परिजनों ने यह जानकारी जब गोविंदनगर थाने में दी थी हड़कंप मच गया। आनन फानन में मामले की जानकारी पुलिस कमिश्नर को दी गई। इसके बाद साउथ जोन डीसीपी की निगरानी में स्पेशल टीम का गठन कर आरोपियों की धर पकड़ के लिए लगा दिया गया।
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मुखबिर ने उगल दिया वारदात
पुलिस ने मैन्यूअल और इलेक्ट्रानिक सर्विलांस की मदद से एक युवक शालू नंदा को गिरफ्तार किया। यह युवक पुलिस के लिए मुखबिरी करता है। पुलिस ने जब इससे पूछताछ की तो उसने पूरी वारदात कबूल करते हुए बताया कि कोतवाली थाने में तैनात हेड कांस्टेबल अमित ही इस वारदात का मास्टर माइंड है। साथ ही उसने बताया कि वारदात में एक और पुलिस कांस्टेबल मुकेश कुमार तथा एक अन्य व्यक्ति भी शामिल है। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया और आरोपियों की धर पकड़ करते हुए सिपाही मुकेश को अरेस्ट कर लिया ।
पहले भी आ चुके हैं मामले
जानकारी के मुताबिक कानपुर पुलिस पर अपहरण करने और फिरौती मांगने के आरोप पहली बार नहीं लगे हैं। बल्कि इससे पहले भी पुलिस कई बार इस तरह के आरोपों का सामना कर चुकी है। एक मामले में तो न्यायिक जांच तक हो चुकी है। इसमें बड़े पैमाने पर नगदी की हेराफेरी का मामला सामने आया था। बताया जा रहा है कि इस समय कई थानों में तैनात सिपाही इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।