नई दिल्ली । जसविंदर सिंह। दिल्ली के श्रद्धा-आफताब मामले में एक बयान काफी वायरल हो रहा था। एक व्यक्ति सोशल मीडिया पर आकर श्रद्धा के 35 टुकड़े को सही बता रहा था।
नाम पूछने पर उसने राशिद खान बताया था। इतना ही नहीं नफरत और हिंसा की सारे दलीलें दे रहा था।
अगर उसके साथ भी ऐसी घटना हो जाए तो वो भी किसी के 35 टुकड़े कर देगा। और कैसे करेगा वो भी बताए जा रहा था।
सोशल मीडिया पर इस बयान को शेयर करते हुए लोग एक खास समुदाय पर टिप्पणी कर रहे थे। इस व्यक्ति ने अपना नाम राशिद खान बताया लेकिन असल में इसका नाम विकास कुमार निकला।
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उत्तर प्रदेश की बुलंदशहर पुलिस ने इसको गिरफ्तार किया तब इसकी पोल खुली।
बुलंदशहर एसएसपी ने कहा कि, विकास कुमार ने राशिद खान बनकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उसे अरेस्ट कर लिया है। उसके खिलाफ चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं।
विकास कुमार की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर नफरत की चल रही रेस काफी थम जाएगी। लेकिन नफरत फैलाने वाले रूकेंगे नहीं।
वो लगातार नफरत फैलाते रहेंगे। क्योंकि उनका काम ही नफरत फैलाना है।
विकास कुमार ने अपने चेहरे पर दाढ़ी रखी हुई थी। इसलिए लोगों ने आसानी से उसके झुठ को सच समझ व
लिया।
पुलिस का कहना है कि, वो इस मामले में और भी पहलु पर जांच कर रही है। शायद इस मामले की परतें और भी कहीं जाकर खुलें।
आपको बता दें कि, इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके ह़ै। गाजियाबाद में सिर तन से जुदा करने की फर्जी धमकी हो विकास कुमार का राशिद खान बनकर हत्यारे का समर्थन करना हो।