नई दिल्ली । आकांक्षा त्रिपाठी। नेपाल में हो रही संसदीय चुनावों पर भारत और चीन नजरें गड़ाए हुए हैं। रविवार को हुए मतदान के बाद अब वहां मतगणना का दौर चल रहा है । नेपाल चुनाव की मतगणना के ताजे आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार सुबह तक प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस नीत गठबंधन बहुमत की ओर आगे बढ़ रहा है। कुल 275 सीटों वाले इस चुनाव में किसी भी दल को जीत के लिए 138 सीटें चाहिए। शुक्रवार सुबह तक नेपाली कांग्रेस नीत गठबंधन कुल घोषित 118 सीटों के नतीजों में से 64 सीटें जीत चुका है।
इसके साथ ही चुनाव में नेपाली कांग्रेस अब तक अकेले 39 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। यह सिलसिला अभी जारी है। इसके गठबंधन में शामिल सीपीएन-माओइस्ट सेंटर और सीपीएन-यूनिफाइड सोशलिस्ट ने क्रमश: 12 और 10 सीटें जीती हैं। लोकतांत्रिक समाजवादी और राष्ट्रीय जनमोर्चा ने क्रमश: दो और एक सीटों पर जीत दर्ज की है। ये भी सत्तारूढ़ दल के साथ गठबंधन में हैं।
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विपक्षी गठबंधन को अब तक 35 सीटों पर जीत
वहीं दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली कर रहे हैं। उनकी पार्टी सीपीएन-यूएमएल के गठबंधन को अब तक 35 सीटों पर जीत मिली है। इसमें से सीपीएन-यूएमएल को 29 सीटों पर जीत मिली है। वहीं इस विपक्षी गठबंधन में शामिल राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी और जनता समाजवादी पार्टी को क्रमश: चार और दो सीटों पर जीत मिली है। वहीं नए गठित दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 7 सीटें जीती हैं। इसके अलावा लोकतंत्र समाजवादी पार्टी और जनमत पार्टी ने क्रमश: दो और एक सीट जीती है।
अब तक नागरिक उन्मुक्ति पार्टी को दो सीटें मिली हैं। जबकि जनमोर्चा और नेपाल मजदूर किसान पार्टी को एक-एक सीट पर जीत मिली है। इसके अलावा निर्दलीयों ने पांच सीटें जीती हैं। मतगणना अभी जारी है। संघीय संसद के कुल 275 सदस्यों में से 165 का चयन प्रत्यक्ष मतदान के जरिये होगा, जबकि बाकी 110 को आनुपातिक चुनाव प्रणाली के माध्यम से चुना जाएगा। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री एवं सीपीएन-यूनिफाइड सोशलिस्ट के अध्यक्ष कुमार नेपाल राउतहाट-1 सीट से निर्वाचित हो गए हैं। उन्हें 33,522 वोट मिले जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी अजय गुप्ता(सीपीएन-यूएमएल) को 36,522 वोट प्राप्त हुए ।