राजनांदगांव । केजन साहू । आज के नए दौर में विज्ञान ने मानव को अत्याधुनिक सुविधाओं से जोड़ दिया है जिसका परिणामस्वरूप घण्टो में लगने वाला कार्य मिनटों में हो रहें हैं। लेकिन टेक्नोलॉजी के इस दौर में सुविधाओं के साथ-साथ बहुत सारी खामियां भी नजर आती हैं। अगर हमसे जरा सी असावधानी होती है तो मिनटों में बहुत बड़ा नुकसान भी हो सकता है। ऐसा ही वाक्या वनांचल क्षेत्रो में लगातार देखने को मिल रहा है। जहां शातिर द्वारा फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लगातार मैसेंजर के माध्यम से मित्रों को लूटने की कोशिश किया जा रहा है। जिसमे फर्जी आईडी बनाने वाला शातिर पूर्व में बने वास्तविक आईडी के मित्रों को देखकर वह फर्जी फेसबुक आईडी से फ्रेंड रिकवेस्ट भेजकर मित्र बना लेता है और मित्र के बन जाने के बाद फेसबुक मैसेंजर से पर्सनल मैसेज कर अस्पताल में फंसे होने की बात कहकर फोन पे से अर्जेंट पैसे की डिमांड करते हैं।
थाने में शिकायत के बावजूद डेढ़ महीने बाद भी पुलिस शातिर का पता लगाने में है नाकाम
हमारे देश में लोगों को जब कोई भी समस्या आती है तो सबसे पहले पुलिस को सूचना देती है और सूचना के आधार पर पुलिस उन पर ठोस कार्यवाही करती है। लेकिन कभी-कभी पुलिस की सुस्त रवैये के कारण शातिरों के हौसले बुलंद होते हैं। और कभी- कभी उन्हें ठेंगा दिखाते हुए नजर आते हैं। ऐसा ही नजारा छुरिया पुलिस का है जब पीड़िता जनक दास साहू, पिता- नरेंद्र दास साहू निवासी ग्राम बम्हनी चारभाठा ने 27-04-2022 को छुरिया थाने में लिखित शिकायत किया था, कि ने उनका फेसबुक आईडी को किसी अज्ञात व्यक्ति कॉपी कर फर्जी आईडी बनाकर दुरुपयोग कर रहा है और लोगों से पैसे की डिमांड कर रहें हैं। जिससे मानसिक रूप से परेशान होकर जनक दास साहू पिता नरेंद्र दास साहू निवासी ग्राम बम्हनी पेशे से शिक्षक हैं और अपनी स्कूल की गतिविधियों को डालने के लिए फेसबुक आईडी बनाया था जिसे अज्ञात व्यक्ति ने उन्ही के नाम से फर्जी आईडी बना लिया है जिसकी लिखित शिकायत छुरिया थाने में डेढ़ महीने पहले किया था लेकिन पुलिस द्वारा अबतक कोई कार्यवाही नही की गई है और अभी तक शातिर द्वारा फर्जी फेसबुक आईडी से मित्रों को लगातार पैसे की मांग कर रहें है। बताया जाता है कि छुरिया पुलिस के एक जवान भी इसी तरह के फर्जी फेसबुक आईडी का शिकार हुए हैं और उन्हें भी ठीक इसी तरह आईडी बनाकर उनके मित्रों से पैसे की मांग कर रहे थे। अब देखना यह होगा कि छुरिया पुलिस हाथ पर हाथ धरे रहती है या किसी तरह की कार्यवाही भी करती है।