मुंबई | न्यूज़ डेस्क | ईस्टर पर प्रभु यीशु सभी पर कृपा बरसाते हैं। गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु के बलिदान को याद किया जाता है तो वहीं ईस्टर संडे को प्रभु यीशु के जीवित होने की खुशी में मनाया जाता है। बाइबिल में कहा गया है कि पुनर्जीवित होने के बाद ईस्टर संडे के बाद 40 दिन तक प्रभु यीशु पृथ्वी पर रहे और उन्होंने अपने शिष्यों को प्रेम और करुणा का पाठ पढ़ाया।
प्रभु यीशु मसीह प्रेम और शांति के मसीहा हैं। दुनिया को करुणा का संदेश देने वाले प्रभु यीशु हैं। ईस्टर संडे के दिन उनकी याद में गिरजाघर में लोग मोमबत्तियां जलाते हैं। बाइबिल पढ़ते हैं और प्रभु यीशु के जीवित होने की खुशी में एक दूसरे को बधाई देते हैं। इस दिन अपने पूर्वजों को भी याद किया जाता है। ईसाई धर्म में ईस्टर संडे को खजूर इतवार, पवित्र इतवार और सनराइज सर्विस भी कहा जाता है। ईसाई धर्म के अनुयायी मानते हैं कि ईस्त्र शब्द से ईस्टर शब्द की उत्पत्ति हुई है। ईस्टर संडे के दिन लोग धार्मिक परंपराएं निभाते हैं।
ईसाई मान्यता के अनुसार ईस्टर संडे को घर सजाकर रात्रि में मोमबत्तियां जलाना और अपने मित्रों में इन्हें बांटना शुभ माना जाता है। ईसाई धर्म में अंडों को नवजीवन और उमंग का प्रतीक माना जाता है। ईस्टर संडे के दिन लोग अंडों को सजाते हैं और उन्हें एक दूसरे को गिफ्ट करते हैं। इन सजे हुए अंडों को ईस्टर एग कहा जाता है।