नई दिल्ली | आकांशा त्रिपाठी | दक्षिण दिल्ली के दक्षिणपुरी एक्सटेंशन में फर्जी कॉल सेंटर के जरिये शॉपिंग वेबसाइट के प्रमोशन के नाम पर देशभर के लोगों से ठगी की जा रही थी। कॉल सेंटर दो वर्ष से चल रहा था और लगभग 700 लोगों से कई करोड़ रुपये ठगे जा चुके हैं। दक्षिण जिले की साइबर थाना पुलिस ने कॉल सेंटर के दो मालिकों व यहां काम करने वाली छह युवतियों को 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया है।
कॉल सेंटर मालिकों की पहचान संगम विहार निवासी परमेश्वर उर्फ राहुल, ओखला के जाकिर नगर निवासी मो. शाहकर और युवतियों की पहचान संगम विहार निवासी नीतिका, अंबेडकर नगर निवासी कोमल शर्मा, नेबसराय निवासी अंजली, मदनगीर निवासी अनीता, अंबेडकर नगर निवासी रुखसार और संगम विहार निवासी कुमकुम के रूप में हुई।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर थाना प्रभारी अरुण वर्मा को दक्षिणपुरी एक्सटेंशन में फर्जी कॉल सेंटर चलने की सूचना मिली थी, जिसके बाद साइबर थाना प्रभारी अरुण वर्मा की देखरेख में पुलिस टीम ने दक्षिणपुरी एक्सटेंशन में 12/103 स्थित पहली मंजिल पर दबिश देकर दो मालिकों व कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियों को गिरफ्तार कर लिया।
खरीदारी पर गिफ्ट मिलने का देते थे झांसा
आरोपी पहले फर्जी शॉपिंग वेबसाइट बनाते थे। इसके बाद ये वेबसाइट पर बेचने के लिए कुछ उत्पाद डाल देते थे। फिर ये कॉल सेंटर से लोगों को फोन करके कहते थे कि उन्होंने नई शॉपिंग वेबसाइट शॉप4विंसडॉटकॉम लांच की है। इसमें आपका नाम शॉट लिस्ट हुआ है। अगर इस वेबसाइट से 599 से ज्यादा की खरीदारी करेंगे तो उनका नाम रजिस्टर्ड हो जाएगा। उन्हें खरीदारी करने पर लैपटॉप, एलईडी टीवी और आई फोन-13 में से एक गिफ्ट जरूर मिलेगा। कोई पीड़ित इनकी वेबसाइट से खरीदारी कर लेता था तो उसको कॉल करके कहते थे कि उनका एक गिफ्ट निकल गया है। इसके बाद ये पीड़ित से 28 फीसदी जीएसटी, बीमा, विस्तारित वारंटी व कूरियर चार्जिंग के नाम पर आठ हजार से एक लाख रुपये ले लेते थे।
इसके बाद ये पीड़ित से कहते थे कि उनके गिफ्ट आइटम में कुछ डिफेक्ट है। इसके बाद डिफेक्ट पीस को बदलने के नाम पर भी मोटी रकम ऐंठ लेते थे। इनके पास से तीन लैंडलाइन फोन, 11 मोबाइल फोन, तीन स्मार्ट फोन, एक वाई-फाई राउटर और गेटवे व कॉल सेंटर से संबंधित 24 कागजात बरामद किए हैं।
हर दो महीने में बदल लेते थे कॉल सेंटर की जगह
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह हर दो महीने में कॉल सेंटर की जगह बदल लेते थे। इससे पहले ये कॉल सेंटर को नेबसराय व संगम विहार में चला रहे थे। ये डेढ़ से दो महीने बाद वेबसाइट का नंबर भी बदल देते थे। आरोपी कॉल सेंटर को दो साल से चला रहे थे। आरोपी दिल्ली से बाहर के लोगों के साथ ज्यादा ठगी करते थे।