हरियाणा | न्यूज़ डेस्क | ‘जिन दरिंदों ने मुझे इन हालातों में पहुंचाया है, उन्हें सजा-ए-मौत मिलनी चाहिए | जेल में तो उन्हें अच्छा खाना मिल रहा है, वह तो उनके लिए पार्टी के समान है | सजा तो मैं भुगत रही हूं हर पल | शरीर में अभी भी पांच गोली फंसी हुई हैं, जो निकलेगी भी या नहीं , कुछ पता नहीं’ | ये शब्द उसी दुल्हन तनिष्का के हैं, जिसकी डोली ससुराल पहुंचने से पहले ही कुछ दरिंदों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसके सपनों को चकनाचूर कर दिया था |
बदमाशों ने दुल्हन तनिष्का को 6 गोलियां मारी थी, लेकिन तनिष्का ने हौसला नहीं खोया | शनिवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी होने के बाद उसे मायके सांपला में लाया गया, जहां पर पहली बार नम आंखों से उसने अपने दर्द को मीडिया के सामने बयां किया | हालांकि उस भयावह पल को याद कर वह अब भी सिहर उठती है | परिवार के लोग उसे एक पल के लिए भी अकेला नहीं छोड़ रहे |
दरअसल सांपला की रहने वाली तनिष्का की शादी भाली आनंदपुर गांव निवासी मोहन के साथ हुई थी | एक दिसंबर की रात विदाई के बाद तनिष्का अपने पति और अन्य रिश्तेदारों के साथ ससुराल जा रही थी | कि भाली आनंदपुर गांव के नजदीक पहुंचते ही कार सवार बदमाशों ने उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया था | इसके बाद तनिष्का को एक के बाद एक कई गोलियां मारी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी | कुछ दिनों तक उसका पीजीआई रोहतक में उपचार चला | इसके बाद उसे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में रेफर कर दिया था | इस प्रकरण में मुख्य आरोपी साहिल समेत सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में रोहतक जेल में बंद है |
तनिष्का की ताई निर्मला ने बताया कि मेरी बेटी को नया जीवन मिला है, जो मौत को हराकर घर लौटी है | पीजीआई में उसे उपचार जरूर मिला, लेकिन उस स्तर की देखभाल नहीं हो रही थी | इस वजह से वह उसे गुरुग्राम लेकर गए थे | वहां पर उसके जबड़े की सर्जरी की गई | उसके हाथ की सिर्फ एक गोली निकली है. शरीर में अभी भी पांच गोली फंसी हुई हैं | फिलहाल डाक्टरों ने उसे कुछ दिनों के लिए घर पर भेजा है, जिससे उसका माहौल बदल सके | इसके बाद उसकी बड़ी सर्जरी होनी है, तभी डाक्टर फैसला लेंगे कि बाकी गोली कैसे निकालनी हैं |
तनिष्का के घर लौटने का पता चलने के बाद रोहतक के सांसद डॉ अरविंद शर्मा भी उनके घर पर पहुंचे | उन्होंने तनिष्का से बातचीत की और आश्वासन दिया कि हर समय वह उसके साथ हैं | परिवार के सदस्यों को भी दिलासा दिया कि बहादुर बेटी की हर संभव मदद की जाएगी | परिवार के सदस्यों को जब भी उनकी जरूरत महसूस हो तो वह सीधे आकर मिल सकते हैं |