मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | दशहरा या कहें विजय दशमी का त्योहार है| इस दिन बुराई पर अच्छाई की जीत होती है| दशहरे के दिन ही भगवान राम ने रावण का वध कर विजय प्राप्त की थी| इस दिन को अच्छाई का दिन माना जाता है| यही कारण है कि आज के दिन रावण का दहन किया जाता है| सीता माता को रावण से आजाद कराने की लड़ाई में रावण के साथ-साथ उनके भाई कुंभकरण और बेटे मेघनाथ की भी मृत्यु हो गई थी| यही कारण है कि दशहरे के दिन रावण के साथ कुंभकरण और मेघनाथ को भी जलाया जाता है|
ये तो रही रावण और उनके भाई-बेटे की बात लेकिन क्या किसी को उनके परिवार के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी है? आज हम आपको बताएंगे रावण के परिवार के बारे में |
रावण के वध से तीन औरतों का उजड़ा था सुहाग
बता दें कि रावण की तीन पत्नियां थीं| पहली पत्नी का नाम मंदोदरी था| मंदोदरी की कहानी अकसर लोगों को पता होगी| मंदोदरी राजा मायासुर और अप्सरा हेमी की पुत्री थीं| मंदोदरी को चिर कुमारी के नाम से भी जाना जाता है| कहा जाता है रावण की मृत्यु एक खास बाण से हो सकती थी| जिसकी जानकरी मंदोदरी को थी| हनुमान जी ने मंदोदरी से वो बाण चुराया था| जिससे राम को रावण का वध करने में सफलता मिली थी| दूसरी पत्नी का नाम धन्यमालिनी और तीसरी पत्नी का नाम आज तक किसी को नहीं पता चल पाया है|
रावण की मृत्यु के बाद मंदोदरी ने विभीषण से किया था विवाह
रावण का वध करने के बाद प्रभु श्रीराम ने विभीषण को लंका का नया राजा बनाने की सलाह दी थी| जिसके बाद उन्होंने मंदोदरी के सामने विवाह करने का प्रस्ताव रखा था| हालांकि शुरुआत में मंदोदरी ने विवाह के लिए इनकार कर और खुद को राज्य से अलग कर लिया था| मगर कुछ समय बाद वह विभीषण से विवाह करने को राजी हो गई थीं|
तीनों पत्नियों से थे 7 पुत्र
पौराणिक कथाओं के अनुसार रावण के सात पुत्र थे. पहली पत्नी से 2 थे मेघनाद (इंद्रजीत) और अक्षय कुमार| दूसरी पत्नी से त्रिशिरा और अतिकाय और तीसरी पत्नी से एक पुत्र था जिसका नाम प्रहस्था था|
कौन थे रावण के माता-पिता?
रावण के पिता का नाम ऋषि विश्वश्रवा और माता का नाम कैकसी था| कैकसी रावण के पिता की दूसरी पत्नी थीं| इससे पहले उनकी शादी इलाविडा थी, जिनसे रावण से पहले कुबेर का जन्म हुआ|
रावण के थे 8 भाई-बहन
रावण के 7 सगे भाई बहन थे. जो है विभीषण, कुंभकरण, अहिरावण, खर, दूषण और दो बहनें सूर्पनखा और कुम्भिनी| वहीं रावण के सौतेले भाई का नाम कुबेर था|
रावण के दादा-दादी का नाम
रावण के दादा ब्रह्मा के पुत्र महर्षि पुलस्त्य और दादी का नाम हविर्भुवा था|
रावण के नाना-नानी
रावण के नाना का नाम सुमाली और नानी का नाम ताड़का था.प्रहस्त, अकन्पन, विकट, कालिकामुख, धूम्राश, दण्ड, सुपार्श्व, सहादि, प्रधस और भास्कण आदि रावण के मामा थे और रांका, पुण्डपोत्कटा, और कुभीनशी उसकी मौसियां थीं|