नई दिल्ली | गुरमीत सिंह |दुबई के शासक हैं शेख मोहम्मद बिन राशिद अल-मख्तूम। विवादों में बने रहते हैं। ताजा मामला उनकी पूर्व पत्नी और जॉर्डन की राजकुमारी हया हिंत अल-हुसैन से जुड़ी हुई है। शेख मोहम्मद ने ब्रिटेन में बिक्री के लिए सबसे महंगी संपत्तियों में से एक को खरीदने की कोशिश की थी। यह प्रॉपर्टी हया हिंत की प्रॉपर्टी के नजदीक थी। अब ब्रिटेन की एक अदालत ने शेख मोहम्मद के इस कदम को डरावना बताया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हया हिंत ने कानूनी लड़ाई के रूप में लंदन के उच्च न्यायालय में इस मामले को उठाया था। शेख पर इजरायली स्पाईवेयर पेगासस के जरिए हया के फोन हैक करने के आरोप भी लगे हैं।
मोहम्मद के लिए काम कर रहे एजेंट्स करीब 307 करोड़ रुपये में इस प्रॉपर्टी को खरीदने वाले थे लेकिन सौदा पूरा होने से कुछ हफ्ते पहले शेख की टीम ने इस सौदे से बाहर निकलने का फैसला किया था।
इंग्लैंड और वेल्स में फैमिली डिवीजन के अध्यक्ष जज एंड्रयू मैकफर्लेन, जिन्होंने पहले फैसला सुनाया था कि 2019 में इंग्लैंड भाग जाने के बाद से शेख मोहम्मद बिन राशिद अल-मख्तूम ने हया के खिलाफ एक धमकी भरा अभियान चलाया था, उन्होंने संपत्ति के कदम को भयावह माना है। उन्होंने कहा है कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह कदम जानबूझकर शेख द्वारा उठाया जा रहा था।
हया ने कोर्ट को लिखित बयान में कहा है कि उन्हें डर है कि शेख उसकी और उसके वकीलों के फोन को हैक करने की कोशिश में हैं या शायद अपने दो बच्चों के अपहरण करने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसा लगता है कि मेरा पीछा किया जा रहा है। शेख मोहम्मद या उनकी ओर से कैसलवुड के आसपास की संपत्ति खरीदने की संभावना भयानक और पूरी तरह से खराब है।
हया के वकीलों ने बताया है कि हमें 2019 के आखिर में पहली बार शेख की योजनाओं के बारे में पता चला था। 2020 के आखिर में हया को जानकारी मिली थी कि शेख से जुड़े एक ट्रस्ट ने उसके पिता द्वारा उसे सौंपें गए प्रॉपर्टी को खरीदने की कोशिश की थी। मामला आगे बढ़ा तो ट्रस्ट ने कोर्ट ने कहा था कि वह अगले कुछ दिनों में प्रॉपर्टी खरीद लेंगे। फिर बाद में शेख के एजेंट्स ने बताया कि वह संबंधित प्रॉपर्टी को नहीं खरीद रहे हैं। बाद में कोर्ट ने शेख को हया के घर के 100 मीटर के रेंज में किसी भी तरह की प्रॉपर्टी की खरीद या किराए पर रोक लगा दी थी। हालांकि हया ने शेख का दायरा करीब 15 किलोमीटर दूर रखने की अपील की थी।