मुंबई | न्यूज डेस्क | स्त्री की योनि की गहराई और व्यास कितना होता है | क्या कई बच्चों की मां की योनि की गहराई अधिक हो जाती है सर्वप्रथम तो आप यह समझ लें की योनि की गहराई कहां से और किस प्रकार नापी जाती है | योनि के आगे भाग को भग कहते हैं जिसमें लघु और बृहद भगोष्ठ होते हैं |
लघु भगोष्ठ अंदर उस स्थान से प्रारंभ होते हैं जहां कुमार छिद्र होता है | इस स्थान से भग के बाहरी छोड़ तक अर्थात लघु भगोष्ठों के छोड़ तक के भाग को प्रायः योनि कीप कहा जाता है |
क्योंकि इस भाग की रचना कुछ कुछ कीप जैसी होती है | अर्थात बाहर से चौड़ी, अंदर से संकरी. वास्तविक योनि कुमार छिद्र के स्थान में गर्भाशय ग्रीवा तक होती है |
योनि के अगले भाग अर्थात कीप की लंबाई देढ से लेकर दो इंच तथा वास्तविक योनि की लंबाई तीन से लेकर साढ़े तीन इंच तक होती है | इस प्रकार संपूर्ण योनि मार्ग की लंबाई या गहराई पाँच से साढ़े पाँच इंच तक हो जाती है और यही लंबाई औसत पुरुष के शिश्न की होती है | संभोग करने पर आवश्यकतानुसार बिना किसी कठिनाई और पीड़ा के यह आसानी से फैल जाती है |
इस उम्र में संभोग के लिए होती सबसे अधिक उत्तेजना, जानकर आपके उड़ जायेगें होश |
योनि के ऊपरी सिरे कि सामान्य चौड़ाई दो से ढाई इंच तक होती है | जिन स्त्रियों के अधिक बच्चे होते हैं उनका गर्भाशय नीचे वस्ति में झुक जाता है, जिससे योनि की गहराई कम हो जाते हैं | संभवतः यह गहराई ढाई या तीन से अधिक नहीं होती, चुकी योनि की दीवारें लचीली होती हैं इसीलिए संभोग में कोई बाधा नहीं होती है |