मुंबई | ऋषि भट्ट | जब कोई प्यार में होता है, तो उसे दुनिया वैसे ही हसीन लगने लगती है| सब कुछ अच्छा-अच्छा सा दिखने लगता है| हर समय एक एक्साइटमेंट रहती है, मन चंचलता से भरा रहता है| पेट में मानों तितलियां सी उड़ रही हों| वैसे तो कई लोगों का हमेशा से ये मानना रहा है|
कि प्यार जिंदगी के लिए खुशियां लेकर आता है लेकिन अब तो विज्ञान भी मान रहा है कि किसी के प्यार में होना आपकी बॉडी के लिए ही नहीं, बल्कि दिल के लिए भी फायदेमंद है| आइये हम इस धारणा को बेहतर तरीके से समझने की कोशिश करते हैं|
इंडियन एक्सप्रेस डॉटकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, फोर्टिस हॉस्पिटल कल्याण के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ विवेक महाजन और फोर्टिस अस्पताल मुलुंड के मनोचिकित्सक डॉ केदार तिलवे के अनुसार जब आप एक हेल्दी रिलेशनशिप में होते हैं, तो इस दौरान आप कई शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभों का अनुभव करते हैं|
हमारा शरीर तत्काल प्रतिक्रिया के रूप में नॉरपेनेफ्रिनऔर एड्रेनालाईन जैसे हार्मोन रिलीज करता है, जो हमें उत्साहित करते हैं| जब आप उस व्यक्ति को देखते हैं, जिससे आप रोमांटिक रूप से आकर्षित होते हैं, तो दिल की धड़कन बढ़ जाती है, पल्स रेट बढ़ जाती है और आंखों की पुतलियां फैल जाती हैं|
पुराना और लंबे समय तक चलने वाला रिलेशन
जब आप उस व्यक्ति को बेहतर तरीके से जानते हैं और उससे भावनात्मक रूप से जुड़ाव महसूस करते हैं तो उस वक्त हमारा दिमाग एंडोर्फिन वैसोप्रेसिन और ऑक्सीटोसिन रिलीज करता है. ये ओवरआल फायदा पहुंचाने वाले हार्मोन्स हैं|
बॉन्डिंग के लिए जिम्मेदार हार्मोन
डॉक्टरों का कहना है कि एंडोर्फिन हमें खुशी और संतुष्टि का अहसास कराते हैं| ऐसा तब होता है जब आप अपने किसी खास के साथ सुरक्षित महसूस करते हैं| दरअसल, ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन दो व्यक्तियों के बीच एक रिलेशन विकसित करने में मदद करते हैं| ये केमिकल माता-पिता और बच्चे के बीच बॉन्डिंग के लिए जिम्मेदार होते हैं|
प्यार से बीपी और हार्ट रेट कम
ये हार्मोन किसी की हार्ट हेल्थ को बनाए रखने के लिए भी जिम्मेदार होते हैं| विज्ञान भी इस बात की पुष्टि करता है कि जब लोग अपने साथी के साथ समय बिताते हैं, तो उनका ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट, सुरक्षा और आराम की भावना से कम हो जाती है|
टच से बीपी कम होता है
डॉक्टरों का कहना है, “शारीरिक स्पर्श के बहुत सारे लाभ हैं. जब लोग एक-दूसरे को गले लगाते हैं, तो ऑक्सीटोसिन, बॉन्डिंग हार्मोन निकलता है, जो ब्लड प्रेशर को कम करता है| एक स्टेबल लान्ग टर्म रिलेशनशिप एक व्यक्ति के लिए सिक्योर बेस तैयार करता है, जिससे उन्हें विश्वास और सहानुभूति का पोषण करने में मदद मिलती है, ”|
लेकिन रिश्तों का दूसरा पहलू भी है, जिसे ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम कहते हैं| जानकारों के मुताबिक जब किसी के साथ धोखा होता है, कोई किसी अपने को खो देता है, अपने प्यार से अलग हो जाता है, तो वो उसके लिए बहुत तनाव भरा टाइम होता है| उस वक्त व्यक्ति पर तनाव इतना अधिक होता है कि रिकवरी करने में कई बार महीने या साल भी लग जाते हैं|