भिलाई । नईमुद्दीन खान । छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन। दिनकर जी हिंदी साहित्य के महान रचनाकारों में से एक थे। उनकी ओजस्वी लेखनी ने देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना और संघर्ष की भावना को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया।
रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का जन्म 23 सितंबर 1908 को बिहार के सिमरिया गाँव में हुआ था। वे हिंदी के प्रसिद्ध कवि, निबंधकार और चिंतक थे। ‘रश्मिरथी’, ‘कुरुक्षेत्र’, ‘उर्वशी’ और ‘हुंकार’ उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं। उनकी साहित्यिक प्रतिभा और राष्ट्र चेतना से जुड़ी रचनाओं के कारण उन्हें ‘राष्ट्रकवि’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। दिनकर जी की रचनाएँ आज भी युवाओं में साहस, स्वाभिमान, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जागरूकता की भावना जगाती हैं। उनकी जयंती पर साहित्य जगत और देश उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण करता है।