September 01, 2026

Join With Us


खेल प्रतिभाओं को तराशने CSR फंड का 50% खेल अधोसंरचना पर खर्च हो : बृजमोहन अग्रवाल

छत्तीसगढ़ के आदिवासी-ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार पर बृजमोहन अग्रवाल ने दिया जोर




रायपुर | मिनल केडेकर | रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के गुजरात अध्ययन दौरे पर अहमदाबाद में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शामिल हुए। बैठक के पहले सत्र में समिति सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर में खेल अधोसंरचना के विकास और प्रतिभावान खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अहमदाबाद में भारत वर्ष 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी और 2036 के ओलंपिक आयोजन की दावेदारी की दिशा में अग्रसर है, ऐसे में जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को तराशना और उन्हें सुरक्षित भविष्य देना बेहद जरूरी है।

CSR फंड का खेल अधोसंरचना में न्यायसंगत उपयोग

बृजमोहन अग्रवाल ने सुझाव दिया कि, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और लीड बैंकों को अपने CSR फंड का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा खेल अधोसंरचना के विकास में लगाने पर विचार करना चाहिए। CSR की राशि का उपयोग केवल संबंधित संस्थानों के कार्यक्षेत्र तक सीमित न रहकर देश के उन क्षेत्रों में भी किया जाना चाहिए, जहां खेल प्रतिभाएं तो हैं, लेकिन संसाधनों और सुविधाओं का अभाव है। यदि छत्तीसगढ़ के आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक खेल मैदान, प्रशिक्षण केंद्र और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, तो यहां की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश एवं प्रदेश का नाम और अधिक रोशन कर सकती हैं।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी और ग्रामीण अंचलों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश लंबे समय से हॉकी की नर्सरी के रूप में अपनी पहचान रखता है, उन्होंने कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ में पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हुआ, जिसमें देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग 3,800 खिलाड़ियों एवं प्रतिभागियों ने विभिन्न खेलों में हिस्सा लिया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की भरपूर संभावनाओं के साथ-साथ बड़े राष्ट्रीय खेल आयोजनों को सफलतापूर्वक आयोजित करने की क्षमता भी है। 

बृजमोहन अग्रवाल ने यह भी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेलो इंडिया और फिट इंडिया को आगे बढ़ाने के लिए CSR निधि से स्कूल-कॉलेजों में मैदान और खेल उपकरण उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि, केवल पदक जीतने तक ही ध्यान सीमित न रहे, बल्कि स्कूल और कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य, फिटनेस और बुनियादी खेल सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।

पदक विजेता खिलाड़ियों को 100% रोजगार

बृजमोहन ने विभिन्न राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में मेडल जीतने वाले और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चयनित खिलाड़ियों को सरकारी विभागों के साथ-साथ सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) में भी 100% नौकरी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। जिससे युवा खेल को करियर के रूप में अपना सकें। बैठक के दुसरे सत्र में ‘सक्षम आंगनवाड़ी एवं मिशन पोषण 2.0’ के देशव्यापी क्रियान्वयन, प्रभाव और आगामी रणनीतियों पर विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने देश में महिलाओं और बच्चों में कुपोषण तथा एनीमिया की रोकथाम के लिए चल रहे प्रयासों पर विचार रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य के परिप्रेक्ष्य को प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग की अवधि के लिए ₹1,81,703 करोड़ के कुल वित्तीय आवंटन (जिसमें ₹1,02,031 करोड़ केंद्रीय अंश है) के साथ संचालित 'मिशन पोषण 2.0' का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

छत्तीसगढ़ के जनजातीय व आकांक्षी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत

अग्रवाल ने चर्चा के दौरान उल्लेख किया कि देश के 112 आकांक्षी जिलों में छत्तीसगढ़ के भी कई जिले शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के वनांचल, बस्तर और सरगुजा संभाग जैसे दूरस्थ अंचलों में कुपोषण और एनीमिया के चक्र को तोड़ने के लिए जीवन-चक्र दृष्टिकोण (Life-cycle approach) के तहत पूरक पोषण कार्यक्रम (SNP), पोषण ट्रैकर की डिजिटल मॉनिटरिंग और आंगनवाड़ियों का आधुनिकीकरण और अधिक गति से होना चाहिए।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सशक्तिकरण और पोषण ट्रैकर पर चर्चा

बैठक में पोषण ट्रैकर एप्लीकेशन, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) और आधार सत्यापन (99.98% पूर्ण) जैसी तकनीकी पहलों की समीक्षा की गई। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि देश में 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों और 13.30 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से करोड़ों लाभार्थियों को सेवा दी जा रही है। उन्होंने जमीनी स्तर पर कार्य कर रहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को समय पर मानदेय, सामाजिक सुरक्षा बीमा (PMJJBY, PMSBY) तथा डिजिटल प्रशिक्षण दिए जाने की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का सुझाव दिया।

अग्रवाल ने कहा कि 'सक्षम आंगनवाड़ी' के तहत केंद्रों को एलईडी स्क्रीन, वाटर प्यूरिफायर, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) सामग्री और पोषण वाटिका से लैस किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को इसी आधुनिक तर्ज पर सर्वसुविधायुक्त बनाने से राज्य की भावी पीढ़ी के बौद्धिक व शारीरिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

बैठक में समिति अध्यक्ष मुकुल वासनिक  के साथ ही सदस्यगण शोभनाबेन महेंद्रसिंह बरैया, बांसुरी स्वराज, सिकंदर कुमार, जितेंद्र कुमार दोहरे, दर्शन सिंह चौधरी, डॉ हेमांग जोशी, डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम, कांस्टैंडाइन रविंद्रन,राजीव राय, भीम सिंह , जियाउर रहमान समेत सरकार एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।





Banner
+36
°
C
+39°
+29°
New Delhi
Wednesday, 10
See 7-Day Forecast

Advertisement













Tranding News

Get In Touch
Avatar

सोनम कौर भाटिया

प्रधान संपादक

+91 73540 77535

contact@vcannews.com

© Vcannews. All Rights Reserved. Developed by NEETWEE