नई दिल्ली | न्यूज़ डेस्क | नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से कमर्शियल उड़ानों का आगाज़ 15 जून 2026 से होने जा रहा है। इंडिगो इस नए एविएशन हब से अपनी सेवाएं शुरू करने वाली पहली एयरलाइन होगी। हालांकि, परिचालन शुरू होने से पहले ही यह एयरपोर्ट एक चौंकाने वाली वजह से चर्चा में है। जेवर एयरपोर्ट से कई प्रमुख रूटों का हवाई किराया दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तुलना में काफी अधिक पाया गया है। शुरुआत में इस एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों के लिए एक किफायती विकल्प के रूप में प्रचारित किया गया था, लेकिन मौजूदा कीमतों ने यात्रियों को हैरान कर दिया है।
किराये में बड़ा अंतर : लखनऊ रूट सबसे महंगा इंडिगो के बुकिंग प्लेटफॉर्म के अनुसार, जेवर से कई घरेलू रूटों का किराया दिल्ली के मुकाबले काफी ज्यादा है |
लखनऊ: जेवर से लखनऊ का टिकट लगभग 5,401 रुपये है, जबकि IGI एयरपोर्ट से यह केवल 3,394 रुपये में उपलब्ध है (2,000 रुपये से ज्यादा का अंतर)।
कोलकाता: जेवर से किराया 7,123 रुपये है, जबकि IGI से यह 5,894 रुपये और हिंडन से 5,930 रुपये के करीब है।
नवी मुंबई: जेवर से 7,256 रुपये बनाम IGI से 6,760 रुपये।
बेंगलुरु: जेवर से 8,979 रुपये बनाम IGI से 8,910 रुपये।
हैदराबाद: जेवर से 6,198 रुपये बनाम IGI से 6,129 रुपये।
टैक्सी का खर्च भी बढ़ाएगा बोझ
जेवर एयरपोर्ट की दूरी दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों से अधिक होने के कारण यात्रियों पर टैक्सी के किराये का अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा।
नोएडा सेक्टर-18 से जेवर: लगभग 834 रुपये।
नोएडा सेक्टर-18 से IGI दिल्ली: लगभग 625 रुपये।
ग्रेटर नोएडा (परी चौक) से जेवर: लगभग 559 रुपये।
कई यात्रियों का मानना है कि वर्तमान में IGI एयरपोर्ट पहुंचना न केवल सस्ता है बल्कि अधिक सुविधाजनक भी है।
सरकार ने दी थी टैक्स में भारी छूट
हवाई किराये को कम रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कई कदम उठाए थे:
हवाई ईंधन (ATF) पर वैट (VAT) को 25% से घटाकर मात्र 1% कर दिया गया।
शुरुआती तीन महीनों के लिए यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) में 25% तक की कटौती की गई।
इन भारी रियायतों के बावजूद, एयरलाइंस की ओर से अभी तक शुरुआती किराये में कोई बड़ी कटौती नहीं देखी गई है।
दो चरणों में शुरू होंगी उड़ानें
इंडिगो अपनी सेवाओं को चरणों में विस्तार देगी-
पहला चरण (15 जून): बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, मुंबई, गोवा, लखनऊ, पटना, कोलकाता, चेन्नई, वाराणसी, जयपुर, देहरादून और चंडीगढ़ जैसे शहरों के लिए उड़ानें शुरू होंगी।
दूसरा चरण (1 जुलाई): उड़ानों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाएगी और सुबह से देर शाम तक सेवाएं उपलब्ध होंगी।
चुनौतियां : विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सड़क और सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी में सुधार नहीं होता और किराया प्रतिस्पर्धी नहीं बनता, तब तक यात्रियों को दिल्ली के बजाय जेवर एयरपोर्ट की ओर आकर्षित करना एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी |