नागपुर । एड अब्दुल अमानी कुरेशी । राष्टसंत तुकडोजी महाराज ,नागपुर विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की ओर से भारत रत्न, एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती मनाई गयी।
इस अवसर पर प्रतिभा सम्मान तथा व्याख्यान समारोह का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुबोध बनसोड ने भारतरत्न डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की । 
विभाग प्रमुख डॉ सुबोध बनसोड ने कहा डॉ. कलाम के वैज्ञानिक दृष्टिकोण और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके समर्पण को राष्ट्र हमेशा स्मरण करता रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि गरीबी के माहौल से निकलकर देश के सर्वोच्च पद तक; पहुंचना डॉ कलाम की महानता का प्रतीक है।
शिक्षा अनुशासन और कर्मनिष्ठा से ही राष्ट्र निर्माण संभव है। युवाओं को उनके विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए आगे आना चाहिए। उनका सरल और प्रेरक जीवन सबके लिए समान रूप से अनुकरणीय है।
डॉ. विवेक बांबल ने कहा पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती वैश्विक स्तर पर "विश्व विद्यार्थी दिवस" के रूप में मनायी जाती है वहीं भारत में युवा दिवस तथा सरकारी स्तर पर 'पठन प्रेरणा दिवस' के रूप में डाॅ.एपीजे अब्दुल कलाम को याद किया जाता है।
उन्होने आगे कहा कि पठन संस्कृति की रक्षा करने की जिम्मेदारी विद्यार्थियो की है. पठन संस्कृति को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार की ओर से कई उपक्रम चलाए जा रहे हैं. ग्रंथ प्रेमी नागरिक, छात्र व पुस्तक प्रेमी शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हो सकते हैं।
डाॅ.सरीता मोड़क ने कहा कि,'डिजिटल व पुस्तक पढाई दोनों का मानव मस्तिष्क पर क्या प्रभाव होता है, इसका अध्ययन जरूरी है । आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आने वाली पीढ़ी पुस्तकों से दूर न हो ।
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. कलाम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई. इसके बाद उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। डाॅ. विवेक बाबंल,डाॅ. सरीता मोड़क,प्रा. हिमांशु लोखंडे, प्रा निलीमा रामटेके, प्रा.सना शेख, प्रा. अदीबा कुरेशी, अभिजीत तितरमारे, आकाश शेवटकर, उपस्थित थे।
कालेज के विद्यार्थियों में ओम ढोबळे,जीया महेन्द्र, अवंतिका चवडे,ज्योतीठाकुर,लकी सरगम, को उनकी उल्लेखनीय गतिविधियों के लिए सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन अब्दुल अमानी कुरैशी तथा आभार अर्पिता बोस ने व्यक्त किया।